Tejas Mk1A fighter aircraft:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A ने नासिक स्थित हिंदुस्तान एयरोनोटिक्स लिमिटेड (HAL) के एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग डिविजन से अपनी पहली उड़ान भरी। इस ऐतिहासिक अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे और उन्होंने HAL की तीसरी उत्पादन लाइन और HTT-40 विमान की दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह उड़ान रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की मिसाल है। उन्होंने HAL की उपलब्धियों को सराहा और कहा कि नासिक अब भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले देश अपनी रक्षा जरूरतों के लिए 65-70 प्रतिशत उपकरण विदेशों से आयात करता था, लेकिन अब भारत अपनी अधिकांश रक्षा निर्माण क्षमता स्वदेशी रूप से विकसित कर रहा है। राजनाथ सिंह ने घरेलू रक्षा विनिर्माण को 100 प्रतिशत तक बढ़ाने और 2029 तक रक्षा निर्यात में 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुँचने का लक्ष्य साझा किया।
उत्पादन क्षमता और सप्लाई योजना:
नासिक में हर साल 8 तेजस विमान का निर्माण संभव।
बंगलूरू में दो प्रोडक्शन लाइन, जहां हर साल 16 विमान का उत्पादन।
नासिक की नई प्रोडक्शन लाइन शुरू होने के बाद कुल 24 तेजस विमान प्रति वर्ष।
अगले चार वर्षों में वायुसेना को 83 तेजस Mk1A विमान देने का लक्ष्य।
तेजस Mk1A के विशेषताएं:
4.5-पीढ़ी का उन्नत, बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान।
सभी मौसम में कार्य क्षमता।
इस्राइली EL/M-2025 AESA रडार।
जैमर युक्त उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट।
बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) क्षमताएं।
तेजस Mk1A के साथ भारत ने अपने स्वदेशी रक्षा विमान निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है, जो देश की वायुसेना को आधुनिक और मजबूत बनाने में मदद करेगा।
इसे भी पढ़ें








