Pumped Storage Project:
बेंगलुरु, एजेंसियां। कर्नाटक में शरावती पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) देश के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए अहम साबित होगा। विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना सबसे सस्ती और प्रभावी बड़े पैमाने की ऊर्जा भंडारण तकनीक है, जिसमें पानी प्राकृतिक बैटरी की तरह काम करेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत 2,500 मेगावॉट क्षमता का उपयोग कर 2,000 मेगावॉट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे ऊर्जा संतुलन और ग्रिड स्थिरता बनी रहेगी।
परियोजना की सार्वजनिक सुनवाई
परियोजना की सार्वजनिक सुनवाई 16 और 18 सितंबर को प्रस्तावित है। इसके लिए कम वन और निजी भूमि की आवश्यकता होगी, और केवल 60 वर्षों में 0.37 टीएमसी पानी की खपत होगी, जबकि शरावती नदी का वार्षिक प्रवाह 180,220 टीएमसी है। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि लुप्तप्राय प्रजातियों जैसे लायन-टेल्ड मकाक की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
“वन नेशन, वन ग्रिड”
“वन नेशन, वन ग्रिड” नीति के तहत पहले से मौजूद ट्रांसमिशन लाइन का उपयोग किया जाएगा। इस परियोजना को 13 केंद्रीय और स्वायत्त निकायों द्वारा विस्तृत अध्ययन के बाद मंजूरी दी जा चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2032-34 तक 82,000 मेगावॉट पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में चीन 50,000 मेगावॉट, जापान 30,000 मेगावॉट और अमेरिका 25,000 मेगावॉट क्षमता के साथ आगे हैं। शरावती PSP भारत की कोयला-मुक्त ऊर्जा पहल का एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। इस परियोजना से न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि भारत वैश्विक मानकों के अनुसार ऊर्जा भंडारण में भी अग्रणी बन सकेगा।शरावती पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट से भारत के नेट-जीरो 2070 लक्ष्य को मजबूती मिलेगी और देश का ऊर्जा सुरक्षा ढांचा और मजबूत होगा।
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