Room heater side effects:
नई दिल्ली, एजेंसियां। सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर रूम हीटर का सहारा लेते हैं। कई लोग रातभर हीटर ऑन करके सो जाते हैं, जिससे तुरंत तो राहत मिलती है, लेकिन यह आदत लंबी अवधि में कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। लगातार बढ़ता तापमान, कमरे की बंद हवा और नमी की कमी कई तरह की शारीरिक दिक्कतें पैदा कर सकती है।
कमरे में ऑक्सीजन कम, सुबह चक्कर और सिरदर्द:
हीटर के लंबे समय तक चलने से कमरे का तापमान बढ़ता रहता है और हवा अपनी ताजगी खो देती है। ऑक्सीजन लेवल कम होने लगता है, जिससे सांस लेने में भारीपन और घुटन महसूस हो सकती है। यही कारण है कि कई लोग सुबह उठते ही चक्कर, कमजोरी और सिरदर्द की शिकायत करते हैं।
नाक, गला और स्किन पर सबसे ज्यादा असर:
हीटर की गर्म हवा कमरे की नमी तेजी से सोख लेती है। इससे नाक और गला सूखने लगता है, खांसी बढ़ सकती है और नाक से आसानी से सांस लेना मुश्किल हो जाता है। स्किन पर भी इसका गहरा असर होता है चेहरा खिंचने लगता है, होंठ फट जाते हैं और सूखापन बढ़ जाता है। ड्राई स्किन वाले लोगों में यह परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा खतरा:
हीटर की सूखी गर्मी बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए ज्यादा नुकसानदेह है।
- बच्चों में डिहाइड्रेशन, बेचैनी और सांस फूलने की समस्या हो सकती है।
- बुजुर्गों में दिल की धड़कन बढ़ना, खांसी और घुटन जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
- विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि उनके कमरे में रातभर हीटर बिल्कुल न चलाएं।
आग लगने का बड़ा जोखिम:
रातभर चलने वाला हीटर आग लगने के खतरे को भी बढ़ाता है। पुराने तार गर्म होकर चिंगारी दे सकते हैं, और पास रखे कपड़े या कंबल तुरंत आग पकड़ सकते हैं। कई दुर्घटनाएं इसी वजह से दर्ज होती हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामान भी ओवरहीट होकर खराब हो सकता है।
गैस हीटर हो तो खतरा दोगुना:
गैस वाले हीटर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस छोड़ते हैं, जो बेहद जहरीली होती है। बंद कमरे में यह गैस बेहोशी, घुटन और यहां तक कि जानलेवा स्थिति पैदा कर सकती है।
आंखों और बालों पर असर:
नमी कम होने से आंखें सूख जाती हैं, लाल होने, जलन और पानी आने की समस्या बढ़ जाती है। बाल भी रूखे होकर टूटने लगते हैं, डैंड्रफ और स्कैल्प इरिटेशन बढ़ जाती है।रातभर हीटर चलाकर सोने से तुरंत आराम जरूर मिलता है, लेकिन इसके जोखिम कहीं अधिक गंभीर हैं। बेहतर है टाइमर का उपयोग करें, कमरे में थोड़ा वेंटिलेशन रखें और ह्यूमिडिफायर इस्तेमाल करें।

