Naga Sadhu robbery: नागा साधु बनकर करते थे लूट: उज्जैन पुलिस ने 7 नकली साधुओं को 30 मिनट में किया गिरफ्तार

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Naga Sadhu robbery:

उज्जैन, एजेंसियां। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में पुलिस ने नकली नागा साधुओं के गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह हाईवे पर लोगों को रोककर उन्हें “भस्म करने” की धमकी देकर सोना-चांदी और नकदी लूटता था। पुलिस ने मात्र 30 मिनट के भीतर गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी आरोपी दिल्ली और हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

धमकी देकर लूटते थे राहगीरों से जेवर और पैसा

मामला उज्जैन के कालियादेह क्षेत्र का है, जहां मंसूर नामक व्यक्ति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इंदौर जा रहे थे। नीमनवासा मोड़ पर उन्हें कुछ लोग नागा साधु के वेश में दिखाई दिए। इन लोगों ने शरीर पर भभूत लगा रखी थी और गले में फूल-माला पहनी थी। उन्होंने मंसूर की कार को रोका और कहा— “भस्म कर दूंगा, जो भी है दे दो।” डर के मारे मंसूर ने दो सोने की अंगूठियां और 50 हजार रुपये नकद उन्हें सौंप दिए।

मुस्तैदी से पकड़े गए आरोपी

मंसूर ने तुरंत उज्जैन पुलिस को घटना की सूचना दी। नरवर थाना पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी की और पालखंदा के पास एक संदिग्ध अर्टिगा कार को रोका। कार से दिल्ली और हरियाणा के रहने वाले 7 नकली साधु गिरफ्तार किए गए। उनके पास से लूटी गई नकदी और जेवर बरामद हुए।

उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा का बयान

एसपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान राकेश कुमार (45), मगन नाथ (19), रुमाल नाथ (60), राजेश नाथ (41), बिरजू नाथ (45) सभी दिल्ली के निवासी, तथा अली नाथ (20) और अरुण नाथ (25) हरियाणा के निवासी के रूप में हुई है। इनमें से कुछ के खिलाफ पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इंटर-स्टेट गिरोह सक्रिय था कई जिलों में

यह गिरोह उज्जैन के अलावा देवास और शाजापुर में भी सक्रिय था। आरोपी वारदात के बाद गाड़ियां बदलकर भाग जाते थे। पुलिस ने बताया कि यह एक इंटर-स्टेट लूट गैंग था, जिसकी गतिविधियों पर अब सख्त निगरानी रखी जा रही है।

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