RBI reduce interest rates:
नई दिल्ली, एजेंसियां। त्योहारों से पहले देश के आम लोगों को एक और बड़ी खुशखबरी मिलने की उम्मीद है। सरकार ने जहां GST 2.0 लागू कर टैक्स व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाया है, वहीं अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से भी राहत भरी घोषणा हो सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली बैठक में RBI ब्याज दरों में 0.25% की कटौती कर सकता है। इससे उपभोक्ताओं को होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन पर EMI में सीधी राहत मिलेगी।
लगातार घट रही ब्याज दरें
RBI ने इस साल फरवरी से ही ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू किया था। 7 फरवरी 2025 को रेपो रेट 6.5% से घटाकर 6.25% किया गया। इसके बाद 9 अप्रैल को फिर 25 आधार अंकों की कटौती हुई और 6 जून को बड़ी राहत देते हुए 50 आधार अंकों की कटौती की गई। इस तरह 2025 में अब तक 1% रेपो रेट घटाया जा चुका है। अब 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच होने वाली बैठक में 0.25% की और कटौती की संभावना है।
महंगाई नियंत्रण में, निवेशकों का भरोसा कायम
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि वर्तमान में महंगाई यानी CPI आधारित मुद्रास्फीति 2% के आसपास बनी हुई है और आने वाले महीनों में इसके और नीचे रहने की संभावना है। ऐसे में ब्याज दर कटौती का माहौल पूरी तरह अनुकूल है। SBI की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में दर कटौती करना उचित होगा क्योंकि इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं और बाजार दोनों को मिलेगा। वहीं, विदेशी ब्रोकरेज हाउस जेफरीज का मानना है कि अगले 12 महीनों में भारत में 50-70 अरब डॉलर का इक्विटी निवेश आ सकता है। यह भारत को वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत विकासशील अर्थव्यवस्था साबित करेगा।
GST 2.0 ने दिया बड़ा तोहफा
सरकार ने GST 2.0 के तहत टैक्स स्लैब घटाकर सिर्फ दो (5% और 18%) कर दिए हैं। इसके साथ ही कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स को शून्य कर दिया गया है।
• दूध, पनीर, ब्रेड, पराठा, कुल्चा और स्टेशनरी आइटम्स पर अब कोई GST नहीं लगेगा।
• स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसी पर 18% GST पूरी तरह हटा दिया गया है।
• एसी और फ्रिज पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
• 350cc तक की बाइक पर टैक्स 28% से घटकर 18% रह गया है।
इन बदलावों से न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ घटेगा बल्कि खपत बढ़ेगी और उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।
विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 12 सितंबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.7 अरब डॉलर बढ़कर 702.97 अरब डॉलर पर पहुंच गया। लगातार बढ़ता फॉरेक्स रिजर्व भारत की आर्थिक स्थिरता को और मजबूत कर रहा है।
असर: आम आदमी को सीधी राहत
GST 2.0 के चलते जहां रोजमर्रा की चीजें और बीमा पॉलिसियां सस्ती हो गई हैं, वहीं RBI की संभावित दर कटौती से EMI का बोझ भी कम होगा। त्योहारों से पहले इस दोहरी राहत से लोगों की क्रय शक्ति (purchasing power) बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था में खपत और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
साफ है कि आने वाले दिनों में सरकार और RBI के ये फैसले न केवल मध्यम वर्ग की जेब हल्की करेंगे, बल्कि भारत की विकास दर को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।
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