Dinner politic:
नई दिल्ली, एजेंसियां। राहुल गांधी ने हाल ही में 12 विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं को अपने आवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया, जिसमें समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत कई नेता शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य सरकार को घेरने की एक नई रणनीति पर काम करना था।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल:
विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची की पुनरीक्षण और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने इंदिरा भवन में प्रेसवार्ता में चुनाव आयोग पर भा.ज.पा. के पक्ष में वोट की चोरी का आरोप लगाया और इस मुद्दे को सरकार के खिलाफ प्रमुख मोर्चा बनाने की योजना बनाई है।
चुनाव की प्रक्रिया शुरू
इसके अलावा, विपक्ष का ध्यान उपराष्ट्रपति पद पर भी है, जहां पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विपक्ष इस चुनाव में साझा उम्मीदवार उतारने और सरकार को चुनौती देने की योजना बना रहा है। राहुल गांधी का मानना है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष को एकजुट करना महत्वपूर्ण है, और रात्रिभोज में इस पर चर्चा की गई थी। विपक्ष की कोशिश है कि इस अवसर का फायदा उठाकर संसद में अपनी एकजुटता और प्रभाव को दिखाया जाए, जबकि एनडीए भी इसके लिए अपनी तैयारी में जुटा है।
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