Rahul Gandhi
इंदौर, एजेंसियां। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को मध्यप्रदेश के इंदौर दौरे पर पहुंचे। दौरे के दौरान उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल जाकर दूषित जल से प्रभावित मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा सुनी। इस दौरान उनके साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद रहे।
सरकार पर राहुल गांधी का तीखा हमला
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश को स्मार्ट सिटी का सपना दिखाया गया था, लेकिन यह स्मार्ट सिटी का ऐसा मॉडल है जहां लोगों को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा। राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है और इसके लिए सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को सवाल उठाने पर धमकाया भी जा रहा है।
जिम्मेदारी तय हो, पीड़ितों को मिले मुआवजा
राहुल गांधी ने कहा कि इस त्रासदी की जिम्मेदारी किसी न किसी को लेनी होगी। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उन्हें न्याय और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी इंदौर के कई इलाकों में लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल रहा है, जबकि यह सरकार का मूल कर्तव्य है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते लोगों की समस्याएं उठाना मेरी जिम्मेदारी है, चाहे इसे राजनीति कहा जाए या कुछ और।
मौतों के आंकड़ों पर विवाद
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दावा किया है कि भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और कई मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में सात मौतों की पुष्टि की गई है। मेडिकल कॉलेज की डेथ ऑडिट रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि 15 मौतें इस प्रकोप से जुड़ी हो सकती हैं।
प्रशासन ने दिया मुआवजा
प्रशासन ने उल्टी-दस्त के प्रकोप में जान गंवाने वाले 21 लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है। हालांकि सरकार का कहना है कि कुछ मौतें अन्य बीमारियों के कारण भी हुई हैं, लेकिन मानवीय आधार पर सभी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।








