Congress opposes: 30 दिन की गिरफ्तारी पर PM, CM और मंत्री को हटाने का प्रावधान, कांग्रेस का विरोध

Juli Gupta
3 Min Read

Congress opposes:

नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार आज संसद में तीन अहम विधेयक पेश करने जा रही है, जिनमें से केंद्र शासित संशोधन विधेयक और संविधान का 130वां संशोधन विधेयक विशेष रूप से चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन विधेयकों के तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अगर गंभीर आपराधिक आरोपों में 30 दिनों तक गिरफ्तारी या हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें अपने पद से हटा दिया जायेगा।

कांग्रेस का इन विधेयकों के खिलाफ तीखा विरोध

कांग्रेस ने इन विधेयकों के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज किया है। पार्टी का कहना है कि ये विधेयक विपक्षी नेताओं को मनमाने तरीके से गिरफ्तार करने और फिर उन्हें पद से हटाने के उद्देश्य से लाए जा रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी मुख्यमंत्रियों को चुनावों में हरा पाने में असमर्थ होने के बाद, उन्हें ऐसी विधायिका लागू कर हटाना चाहती है।

कांग्रेस के आरोप

कांग्रेस ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ गिरफ्तारी की प्रक्रिया बिना किसी दिशानिर्देश के हो रही है, और यह राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। सिंघवी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “गिरफ्तारी के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं! विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां अनियंत्रित और अनुचित हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत किसी भी मुख्यमंत्री को उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद पद से हटाया जा सकता है, जिससे राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि ये विधेयक बिहार में राहुल गांधी की “वोट अधिकार यात्रा” से जनता का ध्यान भटकाने की एक साजिश है। उन्होंने इसे “विधानसभा चुनावों से पहले हताश प्रयास” करार दिया।

विधेयकों का उद्देश्य और जानकारी

केंद्र शासित संशोधन विधेयक, 2025 में यह प्रावधान है कि यदि किसी मुख्यमंत्री या मंत्री के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप हैं और वह 30 दिनों तक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद से हटा दिया जा सकता है। संविधान का 130वां संशोधन विधेयक के तहत संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239एए में संशोधन किया जाएगा, ताकि प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्य और दिल्ली के मुख्यमंत्री को गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी के बाद उनके पद से हटाने का कानूनी प्रावधान स्थापित किया जा सके। केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक के अनुसार, 1963 के केंद्र शासित अधिनियम में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था कि मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आरोपों में गिरफ्तारी के बाद पद से हटाया जा सके, इसी कारण यह संशोधन प्रस्तावित किया गया है।

इसे भी पढ़ें

Central government: केंद्र सरकार ने दिया कर्मचारियों को छुट्टियों का तोहफा, अब मिलेगा 30 दिन का अर्जित अवकाश


Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं