Justice Reddy:
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा है कि अगर वे उपराष्ट्रपति बनते हैं तो उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता भारत के संविधान की रक्षा और संरक्षण करना होगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह चुनाव केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि हर सांसद का विवेक आधारित मत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वे राजनीतिक दलों से नहीं बल्कि व्यक्तिगत रूप से हर सांसद से समर्थन की अपील करते हैं।
नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, तो उन्होंने कहा कि वे दोनों उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हैं, लेकिन फिलहाल उन्होंने कोई स्पष्ट समर्थन नहीं जताया है। टीडीपी के एनडीए में होने के बावजूद उन्होंने यह नहीं कहा कि वे एनडीए उम्मीदवार को ही समर्थन देंगे। रेड्डी ने जाति जनगणना को समाज की समझ का एक जरिया बताया और अनुच्छेद 370 या सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा कि एक पूर्व न्यायाधीश के नाते न्यायिक प्रक्रिया पर सार्वजनिक बयान देना उचित नहीं होगा। गाज़ा पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े सवालों पर भी उन्होंने सुरक्षा मामलों में विशेषज्ञ न होने की बात कहते हुए टिप्पणी से परहेज किया, हालांकि उन्होंने निर्दोषों की हत्या की निंदा की। रेड्डी ने स्पष्ट किया कि वे इस चुनाव को पूरी गंभीरता से लड़ रहे हैं और परिणाम केवल राजनीतिक समीकरणों पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत सोच और मूल्यों पर भी निर्भर करेगा।
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