Pan masala packaging change:
नई दिल्ली, एजेंसियां। सरकार ने पान मसाला उत्पादों की पैकेजिंग और मूल्य-प्रदर्शन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए 1 फरवरी 2026 से नया नियम लागू करने की घोषणा की है। उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब देश में बिकने वाले हर पान मसाला पैक पर MRP यानी रिटेल सेल प्राइस का उल्लेख अनिवार्य होगा। यह प्रावधान पैक के वजन या आकार से जुड़ा नहीं है अर्थात 10 ग्राम से छोटे सैशे भी अब अनिवार्य रूप से इस नियम के दायरे में आएंगे।
अब तक 10 ग्राम या उससे छोटे पाउच को कुछ घोषित जानकारी लिखने से छूट मिली हुई थी। इस छूट का उपयोग कई कंपनियां मूल्य में असंगतता रखने या MRP का उल्लेख न करने के लिए करती थीं। उपभोक्ताओं के साथ भ्रम और अनियमित मूल्य निर्धारण को रोकने के लिए सरकार ने यह छूट पूरी तरह समाप्त कर दी है।
सरकार का क्या है कहना?
सरकार का कहना है कि यह कदम कीमतों में पारदर्शिता बढ़ाने, उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने और भ्रामक मूल्य निर्धारण पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही, MRP स्पष्ट होने से पान मसाला उद्योग में GST वसूली को भी सरल और एकसमान करने में मदद मिलेगी, क्योंकि टैक्स निर्धारण सीधे घोषित रिटेल प्राइस पर आधारित होगा।
क्या है नए नियम?
नए नियम लागू होने के बाद बाजार में बिना MRP वाले पान मसाला पैक मिलना अवैध माना जाएगा। ऐसे उत्पादों की बिक्री या वितरण पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। निर्माता कंपनियों को अपनी पैकिंग, लेबलिंग और प्रिंटिंग प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव करने होंगे ताकि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकें।
