Pahalgam terror attack
पहलगाम, एजेंसियां। NIA की पहली चार्जशीट में हाफिज सईद, सैफुल्ला कसूरी और तल्हा सैयद समेत पाकिस्तानी साजिशकर्ताओं के नाम, हमले में शामिल तीन आतंकियों और तीन स्थानीय सहयोगियों की भूमिका भी बेनकाब। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। करीब 180 दिनों की गहन जांच के बाद एनआईए ने इस बहुचर्चित हमले की साजिश, क्रियान्वयन और सहयोगियों की पूरी परतें खोल दी हैं। चार्जशीट में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष पाकिस्तानी आतंकी हैंडलरों के नाम सामने आए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि हमला सीमा पार से रची गई साजिश का हिस्सा था।
एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक
एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख आतंकी सरगना हाफिज सईद, सैफुल्ला कसूरी और तल्हा सैयद इस हमले के मास्टरमाइंड थे। इन तीनों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से बैठकर पूरे ऑपरेशन को निर्देशित किया। जांच में यह भी सामने आया कि हमले को अंजाम देने वाले तीनों आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक थे।
आतंकियों के नाम
हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों के नाम जिब्रान, सुलेमान और हमजा अफगान बताए गए हैं। इन आतंकियों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल था। बैसरन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है, उस समय पर्यटकों से भरी हुई थी।
चार्जशीट में तीन स्थानीय आतंकी सहयोगियों के नाम भी दर्ज हैं
चार्जशीट में तीन स्थानीय आतंकी सहयोगियों के नाम भी दर्ज हैं। इनमें अनंतनाग जिले के रहने वाले दो भाई परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद जोथर शामिल हैं। इसके अलावा मोहम्मद यूसुफ कटारिया पर आतंकियों तक मोबाइल फोन और चार्जर पहुंचाने का आरोप है, जिससे वे अपने पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में रह सकें।एनआईए ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। इस चार्जशीट ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि पहलगाम हमला सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का हिस्सा था, जिसने देश को झकझोर कर रख दिया।







