Odisha Flood:
भुवनेश्वर, एजेंसियां। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में ब्राह्मणी और कानी नदियों के उफान पर होने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। 19 जुलाई 2025 को आई रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के पानी ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिनमें पट्टामुंडई ब्लॉक और चौड़ाकुलत के इलाकों के गांव शामिल हैं। लेकिन इस बार सिर्फ बाढ़ ही नहीं, बल्कि मगरमच्छों का सड़कों पर तैरना भी लोगों के लिए एक नई मुसीबत बन गया है।
तैरते देखे गए मगरमच्छों के झुंड:
जब बाढ़ का पानी जंगलों और नदियों के किनारे से टूटकर गांवों की ओर आया, तो मगरमच्छ भी अपनी स्वाभाविक जगहों से निकलकर बाढ़ के पानी के साथ गांवों की ओर आ गए। 19 जुलाई को कई गांवों की डूबी हुई सड़कों पर मगरमच्छों के झुंड तैरते हुए देखे गए। यह दृश्य डरावना था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के पानी में मगरमच्छों के साथ-साथ जहरीले सांप भी तैरते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो और भी खतरनाक हैं।
ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों में रात के समय घरों से बाहर निकलने का डर बैठ गया है। अब लोग अधिकतर रात में घरों से बाहर नहीं निकलते हैं और हर किसी की निगाहें बाढ़ के पानी और मगरमच्छों पर टिकी रहती हैं। हालांकि, अब तक किसी भी मगरमच्छ के हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खतरा बना हुआ है।
वन विभाग और प्रशासन की सक्रियता
वन विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता बरतने की अपील की है और लोगों को बाढ़ के पानी में न उतरने की सलाह दी है। प्रशासन के मुताबिक, जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग सिर्फ मगरमच्छों से ही नहीं बल्कि बाढ़ के पानी में घूम रहे जहरीले सांपों से भी सावधान रहें। प्रशासन राहत कार्यों में जुटी है और अब तक 30 से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों में सूखा राशन और पीने का पानी पहुंचाया जा चुका है।
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