National anthem rules update
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अब जब ‘वंदे मातरम’ किसी सरकारी कार्यक्रम, सरकारी स्कूलों के कार्यक्रमों या अन्य औपचारिक आयोजनों में बजाया जाएगा, तो उसके सम्मान में हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रगीत के रूप में वंदे मातरम का छह छंदों वाला 3 मिनट और 10 सेकंड का संस्करण राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के पहले बजाया जाएगा, ताकि सम्मान और राष्ट्रीय भावना का स्पष्ट संदेश मिले।
इन अवसरों पर बजाना जरूरी
तिरंगा फहराने, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, राष्ट्र के नाम उनके भाषणों और संबोधनों से पहले और बाद में, और राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में सहित कई आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम बजेगा।
सिविलियन पुरस्कार समारोहों, जैसे कि पद्म पुरस्कार समारोह या ऐसे किसी भी कार्यक्रम में जहां राष्ट्रपति उपस्थित हों, वहां भी वन्दे मातरम बजाया जाएगा।
29 जनवरी को जारी हुआ गाइडलाइन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र ने 28 जनवरी को गाइडलाइन जारी की थी। 10 पेजों के आदेश में, सरकार ने यह भी कहा कि अगर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को एक साथ गाया या बजाया जाता है, तो वंदे मातरम पहले बजाया जाएगा और इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।
सिनेमाघरों में जरूरी नही
हालांकि, सिनेमा हॉल को नए नियमों से दूर रखा गया है। यानी सिनेमाघरों में फिल्म शुरू होने से पहले ‘वन्दे मातरम’ बजाना और खड़ा रहना अनिवार्य नहीं होगा। अधिकारियों के मुताबिक नए निर्देश ‘वन्दे मातरम’ के सम्मान की स्पष्ट दिशा प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं।
