माइक्रोवेव पॉपकॉर्न खतरनाक: डायएसिटिल भाप से हो सकती है गंभीर फेफड़ों की बीमारी

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Microwave popcorn is dangerous:

नई दिल्ली, एजेंसियां। मूवी देखने या खेलों का आनंद लेने के दौरान माइक्रोवेव पॉपकॉर्न कई लोगों का पसंदीदा स्नैक होता है। हालांकि, हाल की घटनाओं और रिसर्च के अनुसार इसके सेवन में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अमेरिका में कोलोराडो के वेन वॉटसन नामक व्यक्ति ने 10 साल तक रोजाना दो पैकेट माइक्रोवेव पॉपकॉर्न खाए और पैकेट खोलते समय निकलने वाली भाप को सूंघा। इससे उन्हें “पॉपकॉर्न लंग” (Bronchiolitis Obliterans) नामक गंभीर और अपरिवर्तनीय फेफड़ों की बीमारी हो गई।

Microwave popcorn is dangerous: जांच में पता चला

जांच में पता चला कि इसके पीछे डायएसिटिल (Diacetyl) नामक केमिकल था, जो आर्टिफिशियल बटर फ्लेवरिंग में इस्तेमाल होता है। खाने के लिए यह सुरक्षित है, लेकिन सांस के माध्यम से यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। पॉपकॉर्न लंग के मरीज को लगातार खांसी, सांस फूलना और सीटी जैसी आवाज का सामना करना पड़ता है। गंभीर मामलों में ऑक्सीजन थेरेपी या फेफड़े का ट्रांसप्लांट भी कराना पड़ सकता है।

Microwave popcorn is dangerous: पहली बार 2000 के दशक में शुरुआत हुआ था

यह समस्या पहली बार 2000 के दशक की शुरुआत में अमेरिका में माइक्रोवेव पॉपकॉर्न फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों में देखी गई। 2007 से बड़ी कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट से डायएसिटिल हटाना शुरू किया। आजकल ज्यादातर पॉपकॉर्न में यह केमिकल नहीं होता, लेकिन पैकेट खोलते समय निकलने वाली भाप को सीधे सांस में लेने से बचना चाहिए।

Microwave popcorn is dangerous: डॉक्टरों की सलाह

डॉक्टरों की सलाह है कि लगातार खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत जांच कराएं। पॉपकॉर्न लंग को रोका जा सकता है, लेकिन एक बार हो जाने पर इसे पूरी तरह ठीक करना मुश्किल है। यह खतरा सिर्फ पॉपकॉर्न तक सीमित नहीं, ई-सिगरेट और कुछ फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज़ में भी डायएसिटिल मौजूद हो सकता है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

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