Mega failure:
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से जूझ रही है। क्रू की भारी कमी और DGCA के नए FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमों ने परिस्थिति को और बिगाड़ दिया है। गुरुवार को ही बड़े एयरपोर्ट्स पर 250 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जबकि शुक्रवार सुबह भी हालात सामान्य नहीं हो सके। हजारों यात्री प्रभावित हुए, कई जगह हवाई अड्डों पर भीड़ और अव्यवस्था देखने को मिली।
स्थिति गंभीर होते ही केंद्र सरकार हरकत में आई और उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए। यह जांच इंडिगो में हुई गड़बड़ियों, सिस्टम फेलियर और क्रू मैनेजमेंट की कमियों की पड़ताल करेगी। मंत्रालय का लक्ष्य है कि—
- जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय हो
- भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो
- एयरलाइन संचालन को स्थिर किया जाए
- सरकार ने तत्काल उठाए राहत के कदम
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो और अन्य एयरलाइंस को कई तात्कालिक निर्देश जारी किए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- DGCA के FDTL आदेश अस्थायी रूप से निलंबित, ताकि संचालन फिर पटरी पर आए
- फ्लाइट रद्द होने पर पूर्ण रिफंड की गारंटी
- यात्रियों के लिए होटल ठहराव की व्यवस्था
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्राथमिकता, लाउंज एक्सेस
- देरी से चलने वाली उड़ानों के यात्रियों को भोजन और अन्य सुविधाएं
मंत्रालय में 24×7 कंट्रोल रूम, जो रियल-टाइम स्थिति पर नजर रखेगा
सरकार का दावा है कि आज आधी रात तक फ्लाइट शेड्यूल स्थिर होने लगेंगे और अगले कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइंस के सूचना पोर्टल पर अपनी फ्लाइट की स्थिति घर बैठे ट्रैक करें।
लगातार मॉनिटरिंग जारी:
केंद्र सरकार और DGCA एयरलाइन के साथ लगातार संवाद में हैं और सभी स्टेकहोल्डर्स को निर्देश दिए गए हैं कि यात्री असुविधा को हर हाल में कम किया जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हवाई यात्रियों को परेशान करने वाली किसी भी गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाएगा और इंडिगो संकट के पीछे की पूरी सच्चाई हाई-लेवल जांच से सामने लाई जाएगी।








