Mahindra EV launch:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत का ऑटो सेक्टर तेज बदलाव के दौर से गुजर रहा है, और इसी समय महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपनी नई और आक्रामक रणनीति का ऐलान किया है। जब ज्यादातर कंपनियां CNG और अन्य वैकल्पिक फ्यूल विकल्पों की ओर बढ़ रही हैं, वहीं महिंद्रा ने साफ किया है कि वह अपनी पहचान को “प्रीमियम SUV और EV निर्माता” के रूप में और मजबूत करना चाहती है। यही कारण है कि कंपनी फिलहाल CNG या MPV (मल्टी-पर्पज व्हीकल) सेगमेंट में उतरने का कोई इरादा नहीं रखती।
कंपनी के ऑटोमोटिव बिजनेस के प्रेसिडेंट आर. वेलुसामी ने बताया कि महिंद्रा का ध्यान आईसीई (पेट्रोल–डीजल) और इलेक्ट्रिक वाहनों पर ही रहेगा। उनके अनुसार, ग्राहक अब ऐसे वाहन चाहते हैं जो भीड़ से अलग दिखें और प्रीमियम फील दें और महिंद्रा इसी जरूरत को टारगेट कर रही है। कंपनी अगले चार वर्षों में कई नई एसयूवी लॉन्च करेगी, जिनमें भविष्य की इलेक्ट्रिक एसयूवी भी शामिल होंगी।
EV मार्केट में बड़ा लक्ष्य:
महिंद्रा ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी स्पष्ट रोडमैप तय किया है। कंपनी वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंत तक 7,000 EV यूनिट बेचने का लक्ष्य रख रही है। वर्तमान में बीई 6 और XEV 9 मॉडलों ने कंपनी को नए मुकाम पर पहुंचाया है। केवल सात महीनों में इन मॉडलों की 30,000 से अधिक यूनिट्स बिक चुकी हैं, जिससे 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू हासिल हुआ है।कंपनी का आगे का विजन और भी बड़ा है महिंद्रा चाहती है कि 2028 तक उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों का योगदान 25% तक पहुंच जाए। इसके लिए कंपनी लगातार नई इलेक्ट्रिक तकनीकों, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सिस्टम पर निवेश कर रही है।
एक्सपर्ट की राय: रणनीति बनेगी महिंद्रा की ताकत:
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि महिंद्रा की यह रणनीति उसे SUV सेगमेंट का लीडर बनाए रखने के साथ EV मार्केट में भी मजबूत स्थिति दिलाएगी। ऑपरेशनल एफिशिएंसी और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट को बढ़ाकर कंपनी घरेलू और वैश्विक दोनों प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।
