ITR refund delay
नई दिल्ली, एजेंसियां। देशभर में लाखों टैक्सपेयर्स अपने इनकम टैक्स रिफंड का कई महीनों से इंतजार कर रहे हैं। 16 सितंबर की डेडलाइन पूरी होने के बाद ज्यादातर ITR प्रोसेस हो चुके हैं, लेकिन एक बड़ी संख्या अब भी रिफंड स्टेटस बार-बार चेक कर रही है। आखिर देरी की वजह क्या है और रिफंड कब मिलेगा इन सवालों को लेकर लोग परेशान हैं।
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, ITR को ई-वेरिफाई करने के बाद आमतौर पर 4 से 5 हफ्तों में रिफंड बैंक खाते में पहुंच जाता है। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में रिफंड्स अटक गए हैं। विभाग के अनुसार देरी की प्रमुख वजहें गलत या अनवैलिडेटेड बैंक अकाउंट, PAN और बैंक डिटेल का न मैच होना, PAN-Aadhaar लिंक न होना और रिटर्न में डिटेल मिसमैच हैं। Form 16, Form 26AS और AIS में अंतर होने पर केस मैनुअल समीक्षा में चला जाता है। इसके अलावा CBDT ने बताया कि कई रिफंड “हाई-वैल्यू” और “रेड-फ्लैग्ड” कैटेगरी में हैं, जिनकी अतिरिक्त जांच जरूरी है।
फिलहाल जिन टैक्सपेयर्स का डेटा ठीक है, उन्हें तय समय में रिफंड मिल जाता है। लेकिन जिनकी जानकारी में गलती या अंतर है, उनके केस में प्रोसेसिंग लंबी चल सकती है। टैक्सपेयर्स eportal.incometax.gov.in पर जाकर View Filed Returns सेक्शन में अपना रिफंड स्टेटस देख सकते हैं। विभाग का सुझाव है कि बैंक अकाउंट को वैलिडेट करें, PAN–Aadhaar लिंकिंग की स्थिति जांचें, Form 26AS और AIS से मिलान करें और यदि कोई नोटिस आए तो तुरंत जवाब दें। इससे प्रोसेसिंग तेज हो सकती है।
