Insulin resistance:
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिक्रिया नहीं करतीं, जिससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इसके कई गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे मोटापा, हृदय रोग और फैटी लिवर।
इंसुलिन रेजिस्टेंस क्या है?
इंसुलिन रेजिस्टेंस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के संकेतों का ठीक से पालन नहीं करतीं। इसका परिणाम यह होता है कि रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है, जिससे डायबिटीज जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। शुरुआत में यह बिना किसी लक्षण के बढ़ता है, लेकिन समय के साथ यह शरीर को कई गंभीर तरीके से प्रभावित कर सकता है।
क्यों होता है इंसुलिन रेजिस्टेंस?
इंसुलिन रेजिस्टेंस मुख्य रूप से जीवनशैली और आहार की गलत आदतों के कारण होती है। पेट के आस-पास अधिक चर्बी इंसुलिन के कार्य में रुकावट डालती है। इसके अलावा, तैलीय, प्रोसेस्ड फूड और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस के दुष्प्रभाव:
मोटापा
हृदय रोग
फैटी लिवर
डायबिटीज (ब्लड शुगर का बढ़ना)
कैसे बचें इंसुलिन रेजिस्टेंस से?
डॉक्टरों का कहना है कि इंसुलिन रेजिस्टेंस से बचने के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव जरूरी हैं। स्वस्थ आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन को नियंत्रित करना और तनाव-नींद पर नियंत्रण रखना इस समस्या से बचाव कर सकता है। आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को शामिल करें। प्रोसेस्ड और तैलीय खाद्य पदार्थों से बचें।
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