IndiGo pilots union:
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से गुजर रही है। बीते दो दिनों में भारी संख्या में उड़ानें रद्द होने से लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नवंबर महीने में अकेले 1232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से 755 उड़ानें केवल क्रू की कमी के कारण रद्द की गईं। लगातार बढ़ रही गड़बड़ी के बाद DGCA ने इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों को तलब कर जवाब मांगा है।
इंडिगो कि नई परेशानी क्या है?
इंडिगो ने कहा कि नई परेशानी मुख्य रूप से DGCA के 1 नवंबर से लागू FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमों के कारण पैदा हुई है। इन नियमों के तहत पायलट और केबिन क्रू एक दिन में आठ घंटे, हफ्ते में 35 घंटे और महीने में 125 घंटे से ज्यादा उड़ान नहीं भर सकते। इसके साथ ही दो लगातार नाइट ड्यूटी के बाद क्रू को अनिवार्य आराम देना जरूरी है। क्रू की मौजूदा कमी के कारण इंडिगो इन नियमों को लागू करने में संघर्ष कर रहा है, जिससे शेड्यूल पूरी तरह चरमरा गया।
इंडिगो ने जारी किया बयान:
इंडिगो ने बयान जारी कर यात्रियों से माफी मांगी और चेतावनी दी कि शुक्रवार तक और उड़ानें रद्द हो सकती हैं। एयरलाइन ने तकनीकी खामियों, खराब मौसम, भीड़ और नए FDTL नियमों को जिम्मेदार बताया। हैदराबाद एयरपोर्ट से आज 33 उड़ानों के रद्द होने की आशंका जताई गई है।फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ीं कनेक्टिंग फ्लाइट्स मिस हुईं, घंटे भर इंतज़ार के बाद भी सूचना नहीं मिली, कई यात्रियों को ठहरने की भी व्यवस्था नहीं दी गई।
इस बीच, Airline Pilots Association of India (ALPA) ने एयरलाइंस पर खराब प्लानिंग का आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि पायलटों की कमी और लगातार उड़ानें रद्द होने की स्थिति बड़े प्रबंधन की “प्रोएक्टिव रिसोर्स प्लानिंग की असफलता” दिखाती है। ALPA ने DGCA से मांग की कि स्लॉट और शेड्यूल मंजूरी देते समय एयरलाइंस के पास उपलब्ध पायलटों की वास्तविक संख्या का ध्यान रखा जाए।
