Indian textile industry:
नई दिल्ली, एजेंसियां। क्रिसिल रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने से घरेलू कपड़ा उद्योग के राजस्व में 5-10% की गिरावट आ सकती है। इस कदम का सबसे अधिक असर उन कंपनियों पर होगा, जो अपनी आधी से अधिक आय अमेरिका से अर्जित करती हैं।
भारतीय कपड़ा उद्योग निर्यात पर निर्भर
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय कपड़ा उद्योग निर्यात पर भारी निर्भर है और मौजूदा चुनौतियों के बावजूद कुछ कारक इसे सहारा दे सकते हैं। इनमें अप्रैल-अगस्त 2025 के बीच मजबूत बिक्री वृद्धि, प्रतिस्पर्धी देशों की सीमित निर्यात क्षमता और कंपनियों की कर्जमुक्त बैलेंस शीट शामिल हैं।
अधिकारी मनीष गुप्ता ने कहा
क्रिसिल के उपमुख्य रेटिंग अधिकारी मनीष गुप्ता ने बताया कि उच्च टैरिफ के कारण कुछ ऑर्डरों की अग्रिम लोडिंग से निर्यात में थोड़ी तेजी आई थी। इसके अलावा, भारत निकट भविष्य में अमेरिकी बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति बनाए रखने में सक्षम रहेगा।
टैरिफ और महंगाई के चलते मांग में गिरावट
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी बाजार में बढ़े टैरिफ और महंगाई के चलते मांग में गिरावट की आशंका है। कंपनियां अब यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के साथ व्यापार बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रही हैं, लेकिन वैकल्पिक बाजारों से राजस्व बढ़ाने में समय लगेगा। क्रिसिल ने अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष में उद्योग का परिचालन लाभ पिछले साल की तुलना में 200-250 आधार अंकों तक घट सकता है।
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