India-UK free trade deal:
नई दिल्ली, एजेंसियां। करीब तीन वर्षों की लंबी बातचीत के बाद भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) अब फाइनल होने के करीब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूके दौरे के दौरान 25 जुलाई को इस समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह भारत और किसी विकसित देश के बीच एक दशक बाद होने वाला सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता है।
इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को मजबूती देना है। ब्रिटेन में इस समय 1,000 से अधिक भारतीय कंपनियां कारोबार कर रही हैं, जो 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं और $20 बिलियन (1.73 लाख करोड़ रुपये) का निवेश कर चुकी हैं। वहीं, ब्रिटेन ने भारत में $36 बिलियन (करीब 3.11 लाख करोड़ रुपये) का निवेश किया है, जिससे वह भारत का छठा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक बन गया है।
भारत को क्या फायदा?
FTA के तहत, ब्रिटेन से आयातित व्हिस्की पर सीमा शुल्क में तुरंत 75% से 150% तक की कटौती होगी और आने वाले 10 वर्षों में इसमें कुल 40% तक की और कमी आएगी। इसके अलावा, ब्रिटेन से आने वाली बिस्किट, कॉस्मेटिक्स, सालमन मछली, मेडिकल उपकरण और लग्जरी कारों पर लगने वाला भारी टैक्स अब घटाकर महज 10% किया जाएगा, जिससे ये प्रोडक्ट भारतीय बाजार में काफी सस्ते हो जाएंगे।
ब्रिटेन को क्या फायदा?
भारत से ब्रिटेन को एक्सपोर्ट किए जाने वाले 99% उत्पादों पर अब टैरिफ शून्य होगा। इससे भारत के कपड़ा उद्योग, ऑटो पार्ट्स, जूते, फर्नीचर, खेलकूद का सामान, रत्न और आभूषण, कैमिकल्स और मशीनरी की ब्रिटेन में मांग बढ़ेगी। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों के निर्माता भी इससे फायदा उठाएंगे। यह समझौता दोनों देशों के लिए अर्थव्यवस्था, रोजगार और उपभोक्ता लाभ के लिहाज से एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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