Electricity connections:
नई दिल्ली, एजेंसियां। नए बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए बुरी खबर है। अब एक किलोवाट कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को पहले से लगभग 5000 रुपये अधिक चुकाने होंगे। विभाग ने पारंपरिक मीटर की जगह प्री-पेड मीटर लगाने का निर्णय लिया है, जिसके चलते शुल्क में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
फिलहाल लागू नहीं, लेकिन तैयारी पूरी
अभी तक विभाग एक किलोवाट कनेक्शन के लिए 1799 रुपये वसूलता है। लेकिन प्री-पेड मीटर के साथ यही शुल्क बढ़कर 6714 रुपये तक पहुंच जाएगा। हालांकि, विभाग ने अभी नया शुल्क लागू नहीं किया है, लेकिन जल्द ही इसे लागू करने की तैयारी है। इसके लागू होते ही उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ना तय है।
उपभोक्ताओं पर असर और विभाग की दलील
जिले में फिलहाल लगभग 2.25 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी विभाग की ओर से तय नहीं की गई है, बल्कि मीटर की लागत बढ़ने के कारण नए दर लागू होंगे। विभाग का मानना है कि प्री-पेड मीटर बिजली चोरी रोकने में मददगार होंगे और उपभोक्ताओं को खपत पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा।
बढ़ी कीमत से घट सकती है कनेक्शन की मांग
बिजली विभाग फिलहाल नए उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। लेकिन शुल्क बढ़ने के बाद लोगों में नया कनेक्शन लेने की उत्सुकता कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम बिजली चोरी रोकने की दिशा में तो सही है, लेकिन अतिरिक्त खर्च उपभोक्ताओं को परेशान करेगा।
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