HDFC Bank:
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक HDFC Bank के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। RBI ने HDFC Bank पर 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बैंक द्वारा कई नियामकीय और वैधानिक नियमों के उल्लंघन के कारण की गई है। RBI ने कहा कि बैंक ने KYC से जुड़े नियमों, ब्याज दर निर्धारण की प्रक्रिया और आउटसोर्सिंग गाइडलाइंस का ठीक से पालन नहीं किया।
KYC आउटसोर्स करना पड़ा भारीः
RBI की जांच में सामने आया कि HDFC Bank ने KYC (Know Your Customer) से जुड़े संवेदनशील कार्यों को बाहरी एजेंटों को सौंप दिया था। नियमों के अनुसार, KYC की जिम्मेदारी पूरी तरह बैंक की होती है। RBI ने इसे गंभीर लापरवाही और सुरक्षा जोखिम माना।
ब्याज दर निर्धारण में भी गड़बड़ीः
जांच में यह भी पाया गया कि बैंक ने एक ही श्रेणी के ऋणों में अलग-अलग बेंचमार्क अपनाए। इससे ब्याज दरों में पारदर्शिता और एकरूपता प्रभावित हुई, जिसे RBI ने नियामकीय दिशानिर्देशों का उल्लंघन बताया।
और भी कई कमियां आई सामनेः
RBI ने HDFC Bank की वित्तीय स्थिति (31 मार्च 2024 तक) के आधार पर Statutory Inspection for Supervisory Evaluation (ISE) किया। जांच के बाद बैंक से स्पष्टीकरण और दस्तावेज मांगे गए, लेकिन RBI उन्हें संतोषजनक नहीं मान पाया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि बैंक की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ऐसा कारोबार कर रही थी, जो बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत अनुमत नहीं है। इसे भी नियमों का गंभीर उल्लंघन माना गया।
