Physics Wallah Consumer Court Case
राजस्थान, सवाई माधोपुर: भारत की दिग्गज एड-टेक कंपनी ‘फिजिक्स वाला’ (Physics Wallah) इन दिनों दो वजहों से चर्चा में है—पहला, कंपनी का मुनाफा जो आसमान छू रहा है, और दूसरा, वे गंभीर आरोप जो इसकी साख पर सवाल उठा रहे हैं। हाल ही में राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला कंज्यूमर कोर्ट ने एक छात्र के पक्ष में फैसला सुनाते हुए फिजिक्स वाला को फीस रिफंड करने का कड़ा आदेश दिया है।
क्या है Physics Wallah Consumer Court Case का पूरा मामला
Consumer Court Verdict on Physics Wallah: एड-टेक यूनिकॉर्न ‘फिजिक्स वाला’ (Physics Wallah) इन दिनों एक कानूनी विवाद के कारण सुर्खियों में है। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिला उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) ने संस्थान को एक छात्र की फीस ब्याज समेत लौटाने और हर्जाना भरने का सख्त आदेश दिया है।
यह कहानी राजस्थान के सवाई माधोपुर के रहने वाले नंद किशोर पाठक की है, जो वहां एक किराने की दुकान चलाते हैं। उन्होंने अपने बेटे गोविंद पाठक का एडमिशन आईआईटी-जेईई (IIT-JEE) की तैयारी के लिए फिजिक्स वाला के ‘विद्यापीठ’ (ऑफलाइन सेंटर) में कराया था।
- एडमिशन की तारीख: 17 जून 2024
- जमा की गई फीस: ₹500 रजिस्ट्रेशन और ₹42,817 फीस (कुल लगभग ₹49,817 प्रोसेसिंग फीस के साथ)।
- दावा: सोशल मीडिया और वेबसाइट पर शानदार स्मार्ट क्लासरूम, बेहतरीन फैकल्टी और वर्ल्ड क्लास सुविधाओं का वादा किया गया था।
जब छात्र के पिता ने सुविधाओं की कमी की शिकायत की, तो प्रबंधन का रवैया सहयोगात्मक नहीं था। परिजनों का आरोप है कि उन्हें कहा गया, “जैसा है वैसा ही रहेगा, पढ़ना है तो पढ़ो वरना ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन क्लास ले लो।”
परेशान होकर नंद किशोर पाठक ने जिला कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
फिजिक्स वाला विद्यापीठ सवाई माधोपुर रिव्यू (Physics Wallah Vidyapeeth Sawai Madhopur Review)
Vidyapeeth Offline Center Fraud: सच्चाई या सिर्फ विज्ञापन? छात्र ने लगाए गंभीर आरोप
गोविंद पाठक के पिता के अनुसार, विज्ञापनों में “स्मार्ट क्लासरूम” और “बेहतरीन फैकल्टी” का वादा किया गया था, लेकिन हकीकत कुछ और थी:
- खराब इंफ्रास्ट्रक्चर: एक ही हॉल में सैकड़ों बच्चों को बैठाया गया था, जहां फर्नीचर टूटा हुआ था और हवा आने की जगह भी नहीं थी।
- कमजोर शिक्षण स्तर: छात्र का आरोप था कि शिक्षक सवालों पर अटक जाते थे और ठीक से समझाने में असमर्थ थे।
- प्रबंधन की मनमानी: शिकायत करने पर परिजनों को माफी के बजाय यह कहा गया कि “जैसा है वैसा ही रहेगा, पढ़ना है तो पढ़ो वरना ऑनलाइन क्लास ले लो।”
क्या फिजिक्स वाला फीस वापस करता है? (Does Physics Wallah refund fees?)
फिजिक्स वाला रिफंड पॉलिसी (Physics Wallah Refund Policy Rules)
जब फिजिक्स वाला से कंज्यूमर कोर्ट ने इस का जवाब माँगा तो उनका जवाब नियम और कानूनों की गु्थियों में उलझा हुआ था। फिजिक्स वाला की तरफ से कहा गया कि गोविंद के पिता ने उन दस्तावेजों पर भी साइन किए है जिसमें लिखा है कि नियमतः फिजिक्स वाल्ला में बैच शुरू होने के अगले छः हफ्ते के अंदर ही रिफंड पॉसिबल है।
और गोविंद का एडमिशन 17 जून 2024 को हुआ था।
जबकि बैच की शुरुआत 10 मई 2023 को ही हो गयी थी मतलब की अब पैसे तो वापस नहीं होंगे।
यहां ध्यान दीजिएगा कि ये नियम बैच शुरू होने के छः हफ्ते के अंदर के लिए ही हैं। एडमिशन लेने की तारीख अगर इस तारीख के बाद की है तो ये नियम लागु नहीं होगा। अब इसका जवाब इन्होने नहीं दिया की अगर नियम बैच शुरू होने की तारीख से है तो बाद में एडमिशन लेते ही क्यों हैं।
कंज्यूमर कोर्ट का फैसला: 9% ब्याज के साथ लौटानी होगी फीस
सवाई माधोपुर के एक किराने की दुकान चलाने वाले नंद किशोर पाठक ने अपने बेटे गोविंद का एडमिशन आईआईटी-जी (IIT-JEE) की तैयारी के लिए फिजिक्स वाला के ‘विद्यापीठ’ (ऑफलाइन) सेंटर में कराया था। सोशल मीडिया और विज्ञापनों में दिखाई गई शानदार सुविधाओं के उलट, जब छात्र वहां पहुंचा तो स्थिति बेहद खराब मिली।
शिकायत के बाद, जिला उपभोक्ता अदालत (Consumer Court) ने 2 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा:
- रिफंड का आदेश: फिजिक्स वाला को छात्र की फीस के ₹42,870 वापस करने होंगे।
- ब्याज दर: यह राशि 9% वार्षिक ब्याज के साथ लौटानी होगी (2024 और 2025 के लिए)।
- हर्जाना: मानसिक परेशानी के लिए ₹2,000 और कानूनी खर्च के लिए ₹3,000 का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
अदालत ने कंपनी की उस ‘रिफंड पॉलिसी’ को गैर-कानूनी करार दिया, जिसमें एडमिशन की तारीख के बजाय बैच शुरू होने की तारीख से रिफंड की समय सीमा गिनी जा रही थी।
विवादों का साया: रिश्वतखोरी और टैक्स चोरी के आरोप
फिजिक्स वाला के लिए यह कोई पहला विवाद नहीं है। कंपनी पिछले कुछ समय से कई बड़े स्कैंडल्स में घिरी रही है:
- टीचर्स का इस्तीफा और रिश्वत के आरोप (2023): पंकज सिजरिया जैसे पुराने टीचर्स ने आरोप लगाया था कि उनके साथी टीचर्स (तरुण कुमार, मनीष दुबे और सर्वेश दीक्षित) ने प्रतिद्वंदी प्लेटफॉर्म ‘अड्डा 247’ से ₹5 करोड़ की रिश्वत लेकर कंपनी छोड़ी। जवाब में इन टीचर्स ने कहा कि पीडब्ल्यू का कल्चर अब पढ़ाई के बजाय सिर्फ बिजनेस पर केंद्रित हो गया है।
- ईडी (ED) की छापेमारी (जनवरी 2025): जोधपुर स्थित फिजिक्स वाल्ला अधिगृहित ‘उत्कर्ष क्लासेस’ पर जब ईडी ने छापेमारी की, तो फिजिक्स वाला के साथ हुई ₹800 करोड़ की पार्टनरशिप डील जांच के घेरे में आ गई। आरोप था कि इस डील में करोड़ों का अघोषित लेनदेन (ब्लैक मनी) हुआ है।
क्या था अलख पांडे और उत्कर्ष क्लासेस पार्टनरशिप विवाद (Alakh Pandey and Utkarsh Classes partnership controversy)
1. साझेदारी से अधिग्रहण तक (2023-2026)
- दोनों कंपनियों फिजिक्स वाल्ला और उत्कर्ष क्लासेज ने साझेदारी के साथ फ़रवरी 2023 में एक ‘ज्वाइंट वेंचर’ (Joint Venture) के रूप में हाथ मिलाया था। ये डील पुरे ₹800 करोड़ में हुई थी। इसका उद्देश्य उत्कर्ष क्लासेस के ऑफलाइन अनुभव और PW यानी फिजिक्स वल्ला की तकनीक का उपयोग करना था।
- धीरे-धीरे Physics Wallah ने उत्कर्ष क्लासेस में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना शुरू किया कर दिया। 2025 के अंत तक, PW ने उत्कर्ष क्लासेज में 75.5% हिस्सेदारी हासिल कर ली।
- PW का लक्ष्य मार्च 2028 तक उत्कर्ष क्लासेस का 100% अधिग्रहण करना है।
2. मुख्य विवाद: आयकर (Income Tax) छापे
सबसे बड़ा विवाद जनवरी 2025 में सामने आया, जब ED ने टैक्स चोरी और ब्लैक मनी के संदेह में जोधपुर और जयपुर सहित उत्कर्ष क्लासेस के कई सेंटरों पर छापेमारी की थी। छापेमारी का एक प्रमुख कारन ये भी था कि, दोनों कंपनियों के बिच जो 800 करोड़ की दिल हुई थी, उसके लेनदेन का कोई भी रिकॉर्ड नहीं था।
- रिपोर्ट्स के अनुसार, ED ने लगभग ₹130 करोड़ के अघोषित लेन-देन और बेहिसाब संपत्ति का पता लगाया था।
- इस छापेमारी ने Physics Wallah की छवि पर भी सवाल खड़े किए क्योंकि वे उस समय तक फिजिक्स वाल्ला उत्कर्ष क्लासेज का एक प्रमुख हिस्सेदार बन चुके था।
फिजिक्स वाला की कमाई (Physics Wallah Revenue 2025)
कमाई में रिकॉर्ड उछाल: ₹2,886 करोड़ का रेवेन्यू
विवादों के बावजूद, अलख पांडे के नेतृत्व वाली यह कंपनी आर्थिक रूप से बेहद मजबूत हो रही है। कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) और वित्तीय रिपोर्ट्स के अनुसार:
| वित्तीय वर्ष | रेवेन्यू (करोड़ में) | ग्रोथ (%) |
| FY 2024 | ₹1,940.7 | – |
| FY 2025 | ₹2,886.6 | 49% |
कंपनी अब डिजिटल से ऑफलाइन की तरफ तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में भारत के 109 शहरों में इसके 198 से ज्यादा सेंटर्स हैं। कंपनी की 90% से ज्यादा कमाई कोचिंग सर्विस से हो रही है, जबकि बाकी रेवेन्यू हॉस्टल, किताबों और मर्चेंडाइज से आता है।
चमक-धमक के पीछे छात्रों का भविष्य?
वेस्ट ब्रिज कैपिटल और जीएसवी वेंचर जैसे बड़े निवेशकों के समर्थन से फिजिक्स वाला अब आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी में है। लेकिन सवाई माधोपुर जैसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि क्या करोड़ों के रेवेन्यू और विज्ञापनों की चमक में उन छात्रों का भविष्य धुंधला हो रहा है, जो अपनी मेहनत की कमाई इन संस्थानों में लगाते हैं?
कंज्यूमर कोर्ट का यह आदेश उन हजारों छात्रों के लिए एक मिसाल है जो कोचिंग संस्थानों की मनमानी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाना चाहते हैं।
