Gold Price: सोने की रिकॉर्ड खरीदारी से व्यापार में बढ़ा घाटा, तिमाही CAD में बड़ा उछाल

Anjali Kumari
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Gold Price:

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत की आर्थिक सेहत पर सोना भारी पड़ने लगा है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में देश का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) आश्चर्यजनक रूप से बढ़कर 12.3 अरब डॉलर या GDP का 1.3% हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह केवल 0.3% था। सर्विसेज एक्सपोर्ट और रेमिटेंस में मजबूत वृद्धि होने के बावजूद CAD में आई इस तेज बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण गोल्ड इंपोर्ट में उछाल है।

ICICI बैंक रिसर्च और MK ग्लोबल के अनुसार:

क्रिसिल, ICICI बैंक रिसर्च और MK ग्लोबल के अनुसार, दूसरी तिमाही में सोने का आयात 150% बढ़कर 19 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे भारत का वस्तु व्यापार घाटा तेजी से बढ़ा। दूसरी ओर अमेरिकी टैरिफ बढ़ने के बाद भारतीय निर्यात में कमी आई और कुल निर्यात घटकर 109 अरब डॉलर, जबकि आयात बढ़कर 197 अरब डॉलर पहुंच गया।सर्विस सेक्टर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। आईटी और बिजनेस सर्विसेज की रसीदें बढ़कर 101.6 अरब डॉलर हो गईं, जबकि रेमिटेंस 36–39 अरब डॉलर तक पहुंचे। इससे कुछ हद तक व्यापक व्यापार घाटे की भरपाई हुई, लेकिन गोल्ड इंपोर्ट से लगी चोट उसकी पूर्ति नहीं कर सकी।

एफडीआई और एफपीआई फ्लो कमजोर रहे:

कैपिटल अकाउंट सरप्लस में भी भारी गिरावट आई और यह घटकर 0.6 अरब डॉलर रह गया, जो पिछली तिमाही में 8 अरब डॉलर था। एफडीआई और एफपीआई फ्लो कमजोर रहे, जिससे फाइनेंशियल फ्लो पर दबाव बढ़ा। नतीजतन भारत का पेमेंट बैलेंस दूसरी तिमाही में 11 अरब डॉलर के घाटे में रहा और विदेशी मुद्रा भंडार में 10.9 अरब डॉलर की कमी आई।एमके ग्लोबल ने पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए CAD अनुमान को बढ़ाकर GDP का 1.4% कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि रुपये पर दबाव जारी रहेगा और FY26 के अंत तक डॉलर-रुपया 88–91 के दायरे में रह सकता है। वैश्विक परिस्थितियों, उच्च टैरिफ और मजबूत घरेलू मांग के चलते बाहरी संतुलन पर दबाव जारी रहने की आशंका है।

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