Visa-free transit Germany
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जर्मनी ने भारतीय पासपोर्ट धारकों को ट्रांजिट के दौरान वीज़ा-फ्री यात्रा की अनुमति देने का फैसला किया है। यह घोषणा जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की हालिया भारत यात्रा के दौरान की गई। हालांकि यह सुविधा किस तारीख से लागू होगी, इसे लेकर अभी आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन इसके लागू होते ही अंतरराष्ट्रीय यात्रा भारतीयों के लिए कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
क्या है वीज़ा-फ्री ट्रांजिट सुविधा
वीज़ा-फ्री ट्रांजिट का मतलब है कि यात्रियों को किसी देश से होकर केवल कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़ने के लिए ट्रांजिट वीज़ा लेने की जरूरत नहीं होगी। इस दौरान यात्री एयरपोर्ट के ट्रांजिट एरिया तक सीमित रहेंगे और इमिग्रेशन से बाहर नहीं जा सकेंगे। जर्मनी के इस फैसले से भारतीय यात्रियों को शेंगेन ट्रांजिट वीज़ा से राहत मिलेगी, जो अब तक एक बड़ी बाधा था।
भारत–यूके यात्रा होगी आसान
नई व्यवस्था लागू होने के बाद भारतीय यात्री लुफ्थांसा की उड़ानों के जरिए जर्मनी होकर भारत से यूके और यूके से भारत की यात्रा बिना शेंगेन ट्रांजिट वीज़ा के कर सकेंगे। इससे न केवल यात्रियों का समय और खर्च बचेगा, बल्कि एयर इंडिया और लुफ्थांसा के बीच कोड-शेयरिंग के अवसर भी बढ़ेंगे। खासतौर पर ब्रेक्ज़िट के बाद जिन यात्रियों को ट्रांजिट वीज़ा की जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा था, उन्हें इससे बड़ी राहत मिलेगी।
ट्रैवल इंडस्ट्री और यात्रियों को फायदा
इस फैसले से जर्मनी एक अहम ट्रांजिट हब के रूप में उभरेगा। भारतीय यात्रियों के लिए यूके के अलावा कुछ अन्य वीज़ा-फ्री गंतव्य भी जर्मनी के रास्ते अधिक सुलभ हो सकते हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री का मानना है कि इससे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और टिकट बुकिंग अधिक लचीली होगी।
यात्रियों को दी गई सलाह
हालांकि राहत के बावजूद यात्रियों को टिकट बुक करते समय ट्रांजिट नियमों की सावधानीपूर्वक जांच करने की सलाह दी गई है। नियमों की सही जानकारी न होने पर बुकिंग रद्द होने का खतरा बना रह सकता है। कुल मिलाकर, जर्मनी का यह कदम भारतीय यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय यात्रा को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला माना जा रहा है।

