Gautam Gambhir:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने करियर से जुड़ा एक अहम खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे मुश्किल समय में उन्हें कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव का पूरा समर्थन मिला, जिसने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया।
सैमसन ने कहा
अश्विन के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सैमसन ने कहा कि 2015 में इंटरनेशनल डेब्यू के बाद से वह टीम में लगातार अंदर-बाहर होते रहे। लगभग 8-9 साल में उन्होंने सिर्फ 15 इंटरनेशनल मैच खेले। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप के बाद जब गौतम गंभीर टीम के कोच बने और सूर्या कप्तान, तब चीजें बदलीं। सूर्यकुमार यादव ने उन्हें भरोसा दिया कि अगले 7 मैचों में उन्हें लगातार मौके मिलेंगे। हालांकि शुरुआती दो मैचों में सैमसन शून्य पर आउट हो गए, जिससे वे काफी निराश थे। ड्रेसिंग रूम में चुपचाप बैठे सैमसन से गौतम गंभीर ने जब पूछा कि क्या हुआ, तब उन्होंने कहा कि मौका मिला था लेकिन रन नहीं बना सका। इस पर गंभीर ने जवाब दिया, “अगर तू 21 बार भी ज़ीरो पर आउट होगा, तब जाकर मैं तुझे टीम से बाहर करूंगा”। इस भरोसे ने सैमसन को मजबूत किया और उन्होंने आगे अच्छा प्रदर्शन किया।
सैमसन ने ये भी बताया
इस बातचीत में सैमसन ने ये भी बताया कि कोच और कप्तान का यह भरोसा उनके लिए कितना अहम रहा। वहीं, एशिया कप को लेकर चर्चा है कि अगर ऋषभ पंत पूरी तरह फिट नहीं होते, तो सैमसन को विकेटकीपर के तौर पर स्क्वॉड में शामिल किया जा सकता है। एशिया कप 9 से 28 सितंबर तक UAE में खेला जाएगा, जिसमें भारत और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में होंगे। बीसीसीआई अगस्त के तीसरे हफ्ते में स्क्वॉड का ऐलान कर सकती है।
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