DRDO SFDR technology
चांदीपुर, एजेंसियां। DRDO ने सॉलिड फ्यूल डक्टेंड रैमजेट टेक्नोुलॉजी का सफल परीक्षण किया है। SFDR टेक्नोकलॉजी का परीक्षण ओड़िशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्टी रेंज से किया गया। सॉलिड फ्यूल डक्टेजड रैमजेट टेक्नोॉलॉजी में ‘नोजल-रहित बूस्टर’ का इस्तेमाल होता है, जो इसे शुरुआती रफ्तार देता है। इसके बाद इसका रैमजेट इंजन हवा में ही ऑक्सीजन का उपयोग करके इसे लंबी दूरी तक ले जाता है।
मिसाइलों को मिलेगी रफ्तार
ये तकनीक हवा से दागी गई मिसाइलों को सुपरसोनिक रफ्तार देने का काम करती है।
SFDR तकनीक के साथ भारत उन एलीट देशों के ग्रुप में शामिल हो गया है, जो लंबी दूरी की हवा-से-हवा में वार करने की क्षमता रखते हैं। DRDO के चेयरमैन समीर वी. कामत हैं।
