Hyperactive Kids:
नई दिल्ली, एजेंसियां। हाइपरएक्टिव बच्चों की शारीरिक और मानसिक ऊर्जा अधिक होती है, जिससे उन्हें संभालना और नियंत्रित करना माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे बच्चों को शांति से बैठाना या किसी काम में लगाना मुश्किल हो सकता है। आजकल हाइपरएक्टिविटी का कारण केवल जेनेटिक ही नहीं, बल्कि खानपान भी हो सकता है। यदि आपका बच्चा भी हाइपरएक्टिव है, तो आपको उसकी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
क्या न खिलाएं?
चॉकलेट: चॉकलेट में रिफाइंड शुगर और वसा की अधिकता होती है, जो बच्चों की शारीरिक ऊर्जा को अचानक बढ़ा देती है, जिससे हाइपरएक्टिविटी की समस्या और बढ़ सकती है।
मिठाइयां: बच्चों को मिठाइयां कम से कम खिलानी चाहिए, खासकर हाइपरएक्टिव बच्चों को। मिठाई में शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है और बच्चों को ज्यादा एक्टिव बना देती है।
बिस्कुट: मीठे बिस्कुट और बेकरी उत्पादों में रिफाइंड शुगर और ऑयल की अधिकता होती है, जो बच्चों के मूड स्विंग और हाइपरएक्टिविटी को बढ़ा सकते हैं।
सीरियल और ब्रेड: नाश्ते में सीरियल या ब्रेड बच्चों में तुरंत ऊर्जा का संचार करते हैं, जिससे उनका मन स्थिर नहीं रहता और हाइपरएक्टिविटी बढ़ती है।
क्या खिलाएं?
हाइपरएक्टिव बच्चों को ताजे फल, सब्जियां, अखरोट, बादाम, पत्तेदार साग, कद्दू के बीज और जामुन जैसी चीजें खिलानी चाहिए। इसके अलावा रोटी, दाल और दही भी उनकी डाइट का हिस्सा होना चाहिए। ये चीजें न केवल उन्हें संतुलित आहार देती हैं, बल्कि उनकी शारीरिक ऊर्जा को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
नोट: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सुझाव हैं। किसी भी डाइट या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव के लिए डॉक्टर से सलाह लें।
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