Indigo flight compensation
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में एयरलाइन्स के संचालन और यात्रियों के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने कई नियम बनाए हैं। ये नियम सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) के तहत आते हैं और अगस्त 2019 से लागू हैं। फ्लाइट लेट होने, बिना सूचना कैंसिल होने या ओवरबुकिंग के कारण बोर्डिंग न मिलने पर यात्रियों को मुआवजा और सुविधाएं देने का प्रावधान है। ये नियम सभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स और भारत से उड़ान भरने वाली अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर लागू होते हैं।
फ्लाइट लेट होने पर क्या मिलता है?
अगर यात्री समय पर चेक-इन कर चुके हैं और फ्लाइट लेट हो जाती है, तो एयरलाइन को वेटिंग अवधि के दौरान जरूरी सुविधाएं देनी होती हैं—
- शॉर्ट रूट (2 घंटे+ डिले): खाना-पीना
- मीडियम रूट (3 घंटे+ डिले): फ्री भोजन
- लॉन्ग रूट (4 घंटे+ डिले): रिफ्रेशमेंट और मील
अगर डोमेस्टिक फ्लाइट 6 घंटे से ज्यादा लेट है, तो एयरलाइन को यात्रियों को छह घंटे के अंदर दूसरी फ्लाइट या पूरा रिफंड देना आवश्यक है।
अगर देरी 24 घंटे से ज्यादा हो या रात 8 बजे से 3 बजे की फ्लाइट 6 घंटे से ज्यादा लेट हो, तो यात्रियों को होटल स्टे और एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट देना अनिवार्य है।
हालांकि, अगर देरी मौसम, सुरक्षा या प्राकृतिक कारणों से हो, तो इन सुविधाओं की बाध्यता नहीं होती।
फ्लाइट कैंसिल होने पर क्या अधिकार हैं?
- एयरलाइन को यात्रियों को कम से कम 2 हफ्ते पहले कैंसिलेशन की सूचना देनी चाहिए।
- यात्री पूर्ण रिफंड या ऑलटर्नेट फ्लाइट में से कोई विकल्प चुन सकता है।
- अगर सूचना 2 हफ्ते से कम लेकिन 24 घंटे से ज्यादा पहले मिले, तब भी यही विकल्प मिलते हैं।
- सूचना समय पर न मिलने या कनेक्टिंग फ्लाइट मिस होने पर अतिरिक्त मुआवजा अनिवार्य है।
Indigo flight compensation: मुआवजा राशि:
- 1 घंटे तक की उड़ान: ₹5,000
- 1–2 घंटे की उड़ान: ₹7,500
- 2 घंटे से ज्यादा की उड़ान: ₹10,000
ओवरबुकिंग पर क्या मिलेगा?
अगर सीट कम पड़ने पर यात्री को बोर्डिंग से रोका जाता है:
- 24 घंटे के अंदर ऑलटर्नेट फ्लाइट: मूल किराए का 200% + फ्यूल चार्ज
- 24 घंटे बाद फ्लाइट: मूल किराए का 400% + फ्यूल चार्ज
- फ्लाइट न लेने का निर्णय: फुल रिफंड + 400% मुआवजा
Indigo flight compensation: कैसे करें मुआवजा क्लेम?
- टिकट, बोर्डिंग पास, भोजन/होटल की रसीदें सुरक्षित रखें।
- एयरलाइन के ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत करें 30 दिनों में समाधान का नियम।
- समाधान न मिलने पर एयर सेवा पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
DGCA के ये नियम यात्रियों को सुरक्षा और पारदर्शिता देते हैं, जिससे फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर उनका नुकसान कम होता है।








