Delhi Blast:
नई दिल्ली, एजेंसियां। जांच एजेंसियों को दिल्ली लालकिला धमाके से जुड़े एक बड़ा सुराग हाथ लगा है आरोपितों डॉ. उमर और डॉ. मुज्जमिल की डायरी/नोटबुकें यूनिवर्सिटी कैंपस में उनके कमरों (रूम नंबर 4 और 13) तथा उस कमरे से मिली हैं जहां धौज में 360 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था। मिली डायरियों में कोड वर्ड्स का लगातार इस्तेमाल दिखा, जिनमें कई स्थानों पर “ऑपरेशन” शब्द और 8 से 12 नवम्बर के संदर्भ दर्ज हैं जो जांच के लिए निर्णायक हो सकते हैं।
यूनिवर्सिटी सूत्रों के अनुसार:
यूनिवर्सिटी सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपित लंबे समय से एक-साथ रहते और सक्रिय रूप से समय व्यतीत करते थे; ATS ने परिसर में छानबीन के दौरान छात्रों-स्टाफ से घंटों पूछताछ की और कमरे तोड़कर लगभग दो-ढाई घंटे तलाशी ली। टीम ने वहां से कई वस्तुएं जब्त की हैं जिनका फोरेंसिक और डिजिटल विश्लेषण जारी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि डायरीयों में लिखे कोड वर्ड्स और तार-तार तारीखें अब साजिश के तार जोड़ने में मदद कर सकती हैं।
विशेष सेल के अधिकारी ने क्या कहा:
विशेष सेल के अधिकारी बता रहे हैं कि ब्लास्ट स्थल से मिली गंध और सैंपलों में अमोनियम नाइट्रेट के साथ अन्य रसायनों के संकेत मिले हैं ये उर्वरक अकेला गति-वर्धक नहीं पर किसी संवेदनशील मिश्रण में घातक साबित हो सकता है। अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग बड़े पैमाने पर विस्फोटक बनाने में रिकॉर्ड्ड है; इसलिए एजेंसियां अब इन डायरी एंट्रीज, खरीदी-बिक्री के रसीद-नकद ट्रेल और हैंडलर-कम्युनिकेशन को जोड़कर नेटवर्क की रूपरेखा खींचने पर तेज कदम उठा रही हैं।
जांच अभी प्रारंभिक चरण में है पर डायरी मिलने से साजिश की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद जगी है अब अगला कदम इन कोड वर्ड्स का डी-कोडिंग, फोन-डेटा और बरामद साक्ष्यों का क्रॉस-वेरिफिकेशन होगा।







