Delhi Blast:
नई दिल्ली, एजेंसियां। लाल किला ब्लास्ट केस की जांच में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। केस डायरी में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा डॉक्टर उमर मोहम्मद भारत में अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला करने की योजना तैयार कर रहा था। फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक और सामग्री का मास्टरमाइंड वही था। जांच में सामने आया कि विस्फोटक TATP बनाने के लिए एसीटोन और पिसी चीनी का इस्तेमाल किया गया था।
कबूलनामे में सामने आया पूरा प्लान:
गिरफ्तार आतंकी मुजम्मिल ने अपने बयान में बताया कि डॉक्टर उमर बेहद पढ़ा-लिखा और 9 भाषाओं का जानकार था। वह खुद को ‘EMIR’ कहता था और पूरी टीम को अपने नियंत्रण में रखता था। उमर ने धारा 370 हटने और नूह हिंसा जैसी घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों के खिलाफ नफरत की भावना से यह साजिश रची थी।मुजम्मिल ने बताया कि उन्होंने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कमरा नंबर 4 में TATP के कई टेस्ट किए। फरीदाबाद में बड़े पैमाने पर विस्फोटक भी जमा किया गया, जिसे जम्मू-कश्मीर ले जाकर सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला करने की योजना थी।
5 लोगों का मॉड्यूल, चाइनीज कोड में करती थी बातचीत:
साजिश में शामिल पांच लोग उमर, मुजम्मिल, अदील, शाहीन और मुफ्ती इरफान—एक गुप्त ग्रुप में चाइनीज भाषा में बातचीत करते थे। यह ग्रुप उमर ने बनाया था और उसी का एडमिन था।मुजम्मिल ने बताया कि डॉक्टर शाहीन ने भी मॉड्यूल को फंडिंग के रूप में 25 लाख रुपये दिए और सभी ने नूंह–मेवात से बड़ी मात्रा में फर्टिलाइजर खरीदकर रखा था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर होने के कारण उनके वाहनों की चेकिंग नहीं होती थी।
इरफान के पकड़े जाने से उजड़ गई पूरी साजिश:
जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा मुफ्ती इरफान की गिरफ्तारी के बाद इस मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ। उसके फोन से ग्रुप चैट्स मिले और पूछताछ में पूरी साजिश बाहर आ गई। सुरक्षा एजेंसियों ने उमर के सूटकेस और कमरे से विस्फोटक बनाने का बड़ा सामान भी बरामद किया।



