Havoc in North India
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश की राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली में ठंड ने पिछले 20 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पालम इलाके में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते दो दशकों में सबसे कम है। दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री तक पहुंच गया है। ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर बना हुआ है और राजधानी का AQI 343 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
उत्तर भारत में मौसम बदलेगा करवट
मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों के लिए कई राज्यों में ‘गंभीर शीतलहर’ की चेतावनी जारी की है। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को भी दिल्ली में शीतलहर जारी रहने की संभावना है, जबकि शाम के समय बादल छाने के आसार हैं।
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश
16 से 21 जनवरी के बीच उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कश्मीर में डल झील का पानी कई स्थानों पर जम गया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
यूपी और राजस्थान में बढ़ेगी ठिठुरन
उत्तर प्रदेश में 19 और 20 जनवरी को कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है। राजस्थान में फिलहाल शीतलहर और घना कोहरा छाया हुआ है, हालांकि 17-18 जनवरी के बीच न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 22 से 24 जनवरी के बीच एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे एक बार फिर ठंड और बारिश का असर बढ़ेगा।

