Kishtwar cloudburst devastation: किश्तवाड़ बादल फटने की तबाही: चेतावनी के बावजूद 60 की मौत, दर्जनों लापता

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Kishtwar cloudburst devastation:

श्रीनगर, एजेंसियां। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के चिशोती गांव में 14 अगस्त को बादल फटने से 60 लोगों की मौत, 100 से अधिक घायल और 60 से 70 लोग लापता हो गए। यह त्रासदी उस समय घटी जब क्षेत्र में 6 दिनों से रेड अलर्ट जारी था, लेकिन फिर भी मचैल माता यात्रा को रोका नहीं गया। तेज बारिश और मलबे ने 16 घर, मंदिर, लंगर स्थल, पुलिस चौकी, पुल और दर्जनों वाहन तबाह कर दिए। अब यात्रा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।

मौसम विभाग का रेड अलर्ट जारी

8 से 14 अगस्त तक मौसम विभाग ने किश्तवाड़ सहित कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया था। चिशोती में कोई मौसम निगरानी केंद्र नहीं था। रडार और सैटेलाइट से भारी बारिश की पुष्टि हुई। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह हादसा ग्लेशियर टूटने, भूस्खलन या बादल फटने का नतीजा हो सकता है। NDRF, SDRF, सेना और वायुसेना की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

वैज्ञानिक चेतावनी पहले से थी:

वाडिया संस्थान और विशेषज्ञों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि जम्मू-कश्मीर में भी ग्लेशियर निर्मित असुरक्षित झीलें उत्तराखंड जैसी आपदा का कारण बन सकती हैं। किश्तवाड़ में ऐसी 4 झीलें पहले से चिन्हित की जा चुकी हैं।

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