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नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में मिडिल क्लास के ऊपर क्रेडिट कार्ड का कर्ज तेजी से बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय बन गया है। मार्च 2025 तक तीन महीने से लेकर 12 महीने तक के ओवरड्यू क्रेडिट कार्ड कर्ज की कुल राशि 33,886.5 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जो पिछले साल मार्च 2024 में 23,475.6 करोड़ रुपये थी। इस अवधि में करीब 44% की बढ़ोतरी हुई है। खासकर 91 से 180 दिनों के ओवरड्यू में कर्ज 29,983.6 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 20,872.6 करोड़ रुपये से काफी ज्यादा है।
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल
क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। मार्च 2025 तक क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किए गए लेनदेन की कुल राशि 21.09 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल के 18.31 लाख करोड़ रुपये से 15% अधिक है। इसी दौरान क्रेडिट कार्ड की संख्या भी 11.11 करोड़ तक पहुंच गई, जो जनवरी 2021 में 6.10 करोड़ थी। खासकर बैंक और फिनटेक कंपनियां ग्राहकों को कैशबैक और ईएमआई जैसे आकर्षक ऑफर्स देकर क्रेडिट कार्ड उपयोग को बढ़ावा दे रही हैं।
मिडिल क्लास
मिडिल क्लास के नौकरीपेशा लोग क्रेडिट कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि वे उम्मीद करते हैं कि वेतन आने के बाद वे समय पर भुगतान कर देंगे। लेकिन खर्च और आय के बीच तालमेल न बैठ पाने के कारण कई बार भुगतान नहीं हो पाता, जिससे ओवरड्यू बढ़ता रहता है। क्रेडिट कार्ड पर अगर समय पर भुगतान न किया जाए तो 42-46% तक का वार्षिक ब्याज भी देना पड़ता है, जो कर्ज के जाल में फंसाने वाला साबित हो सकता है। इस तरह, क्रेडिट कार्ड ने मिडिल क्लास के लिए सुविधा के साथ-साथ एक बड़ा वित्तीय खतरा भी खड़ा कर दिया है, जिसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है।
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