Brij Bhushan Sharan Singh: राज ठाकरे को बृजभूषण शरण सिंह ने दी खुली चुनौती , बोले – “इतिहास पढ़ो, वरना झेल नहीं पाओगे” [Brij Bhushan Sharan Singh gave an open challenge to Raj Thackeray, said – “Read history, otherwise you will not be able to bear it”]

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Brij Bhushan Sharan Singh:

मुंबई, एजेंसियां। महाराष्ट्र में मराठी और हिंदी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब यह बहस राजनीतिक रूप ले चुकी है। इसी सिलसिले में बीजेपी नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे को खुली चुनौती दे दी है। उन्होंने साफ कहा कि राजनीति कीजिए, लेकिन भाषा, संप्रदाय, जाति और धर्म के आधार पर नहीं। बृजभूषण ने कहा कि भाषा समाज को जोड़ने का काम करती है, तोड़ने का नहीं।

Brij Bhushan Sharan Singh: आप शायद पढ़ते-लिखते नहीं हैं

उन्होंने राज ठाकरे की आलोचना करते हुए कहा, “आप शायद पढ़ते-लिखते नहीं हैं। इतिहास को जानिए, जब छत्रपति शिवाजी महाराज को औरंगजेब ने बंदी बनाया था, तब उत्तर भारत के आगरा के व्यापारियों ने उन्हें छुड़ाने में मदद की थी। आज जिस मराठी गौरव पर आप राजनीति कर रहे हैं, उसमें उत्तर भारतीयों का भी पसीना बहा है।”

Brij Bhushan Sharan Singh: बृजभूषण ने दी राज ठाकरे चेतावनी

बृजभूषण ने चेतावनी भरे अंदाज़ में कहा, “राज ठाकरे साहब, अगर उत्तर भारत का कोई बड़ा नेता आह्वान कर दे तो आप झेल नहीं पाओगे। उत्तर भारतीयों में बहुत रोष है। आप बहुत हल्की और विभाजनकारी राजनीति कर रहे हैं।”

Brij Bhushan Sharan Singh: जब महाराष्ट्र सरकार की तीन भाषा

यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र सरकार की तीन भाषा नीति पर घमासान मचा हुआ है। पहले इसका विरोध राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने मिलकर किया, जिसके बाद सरकार ने यू-टर्न लेते हुए यह नीति वापस ले ली। इसी जीत का जश्न मनाने के लिए दोनों ठाकरे नेता 20 साल बाद एक मंच पर भी आए। बृजभूषण के इस तीखे हमले से राज्य की राजनीति में नई हलचल मच गई है और उत्तर बनाम महाराष्ट्र का टकराव फिर चर्चा में आ गया है।

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