Bird flu strikes Kerala
नई दिल्ली, एजेंसियां। केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम जिलों में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। यह वायरस आमतौर पर पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन अब इंसानों में भी संक्रमण का खतरा देखा जा रहा है। बर्ड फ्लू घरेलू पोल्ट्री जैसे मुर्गी, बत्तख और टर्की के साथ-साथ जंगली और प्रवासी पक्षियों के जरिए फैल सकता है।
बर्ड फ्लू के मुख्य लक्षणों
बर्ड फ्लू के मुख्य लक्षणों में बुखार, खांसी, थकान, मांसपेशियों और गले में दर्द, मतली, उल्टी, दस्त, कंजंक्टिवाइटिस और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। वायरस का कारण इन्फ्लूएंजा ए (अक्सर H5N1) है, जो शरीर के अपर रेस्पिरेटरी सिस्टम और फेफड़ों को संक्रमित कर सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि बर्ड फ्लू का व्यक्ति से व्यक्ति में फैलना बेहद दुर्लभ है, लेकिन संक्रमित पक्षियों या उनके परिवेश के संपर्क में आने से जोखिम बढ़ सकता है। अमेरिका में 2024 से मनुष्यों में संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे सतर्कता आवश्यक हो गई है। बचाव के उपायों में पक्षियों या पालतू जानवरों के संपर्क में आने पर दस्ताने, मास्क और चश्मे पहनना, बार-बार हाथ धोना, बीमार या संक्रमित जानवरों के संपर्क में न आना, घर में प्रवेश से पहले जूते उतारना, बिना पाश्चुरीकृत दूध का सेवन न करना और मौसमी फ्लू की वैक्सीन लगवाना शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और संक्रमित पक्षियों या संदिग्ध क्षेत्रों के संपर्क में आने से बचने की अपील की है।
