Bihar electricity investment:
पटना,एजेंसियां। बिहार में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बिजली ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में 167 नए पावर सब-स्टेशन बनाने की योजना तैयार की गई है। इससे न सिर्फ औद्योगिक क्षेत्रों को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
1.80 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव:
बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए देशभर की 423 कंपनियों ने लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। ऐसे में बिजली अवसंरचना को सक्षम बनाने के लिए यह प्रोजेक्ट अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित सब-स्टेशनों में दक्षिण बिहार में 76 और उत्तर बिहार में 91 सब-स्टेशन बनाए जाएंगे। इनका निर्माण उन क्षेत्रों के पास किया जाएगा, जहां उद्योग लगाने की जमीन पहले से चिन्हित की जा चुकी है। इसके लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
2026 तक पूरा होगा निर्माण:
इन पावर सब-स्टेशनों के निर्माण को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। अनुमान है कि कुल प्रोजेक्ट पर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होगी। खास उद्योगों में जहाँ बिजली की खपत अधिक होगी, वहाँ इन सब-स्टेशनों से 11 केवी फीडर के जरिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे किसी भी तरह की रुकावट की संभावना न्यूनतम होगी।
ऊर्जा विभाग का आदेश:
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार सिंह ने इंजीनियरों को निर्देश दिया है कि आने वाले वर्षों में बढ़ती बिजली मांग और नए उद्योगों की जरूरतों को देखते हुए मजबूत पावर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई उद्योग इकाइयों को सोलर और अन्य ग्रीन एनर्जी विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि राज्य में टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था विकसित हो सके।

