Petroleum companies:
नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिका ने भारत की छह पेट्रोलियम कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में हलचल मच गई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का आरोप है कि ये भारतीय कंपनियाँ ईरान से कच्चे तेल की खरीददारी और व्यापार कर रही थीं, जो अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन है। इस कदम को अमेरिका ने अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश बताया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अपनी तेल बिक्री से मिलने वाली आय का उपयोग मध्य पूर्व में संघर्ष फैलाने, आतंकवाद को समर्थन देने और अपने ही नागरिकों पर अत्याचार करने के लिए करता है। ऐसे में अमेरिका उन सभी कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, जो किसी भी रूप में ईरान की अर्थव्यवस्था को सहयोग दे रही हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार का मानना है कि ईरान की कमाई सीधे-सीधे क्षेत्रीय अस्थिरता और हिंसा को बढ़ावा देती है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच कई क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी मजबूत हो रही थी, लेकिन यह प्रतिबंध दोनों देशों के बीच तनाव की नई लकीर खींच सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि
हालांकि भारतीय सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका का यह कड़ा रुख भारत को अपनी ऊर्जा रणनीति और विदेशी नीति पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है। प्रतिबंधित कंपनियों के नामों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका ईरान से जुड़े किसी भी आर्थिक संपर्क को गंभीरता से ले रहा है और उसे रोकने के लिए निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
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