Allahabad High Court:
इलाहाबाद, एजेंसियां। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मऊ सदर विधानसभा सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को बड़ी राहत दी है। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में एमपी-एमएलए कोर्ट मऊ ने अब्बास अंसारी को दो साल की सजा और 3000 रुपये जुर्माना लगाया था। इसी फैसले के बाद 1 जून 2025 को उनकी विधायकी भी चली गई थी और मऊ सदर सीट रिक्त घोषित कर दी गई थी। इसके खिलाफ अब्बास अंसारी ने मऊ की जिला अदालत में अपील की, लेकिन वहां भी उनकी याचिका खारिज हो गई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस समीर जैन की सिंगल डिविजन बेंच ने अब्बास अंसारी की याचिका पर सुनवाई की और एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब मऊ सदर सीट पर उपचुनाव नहीं होगा और अब्बास अंसारी की विधायकी बहाल हो जाएगी। इस फैसले से अब्बास को राजनीतिक तौर पर बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।
अब्बास अंसारी
अब्बास अंसारी पर 2022 में विधानसभा चुनाव के दौरान एक जनसभा में भड़काऊ भाषण देने का आरोप था, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि समाजवादी पार्टी सत्ता में आई तो वे राज्य सरकार के अधिकारियों से हिसाब-किताब करेंगे। इस बयान को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने मामला दर्ज कराया था। एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले में सजा सुनाई थी, जिससे उनकी विधायकी समाप्त हो गई थी।
अब्बास अंसारी के वकील उपेंद्र उपाध्याय ने हाईकोर्ट में उनका पक्ष रखा, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा और अपर महाधिवक्ता एम सी चतुर्वेदी ने इस फैसले पर रोक लगाने का विरोध किया था। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने 30 जुलाई को फैसला रिजर्व किया था, जो अब सुनाया गया। इस फैसले से मऊ की राजनीतिक हलचल में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
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