Yuvraj Noida engineer murder: नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत पर फूटा अभिनव शुक्ला का गुस्सा

Anjali Kumari
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Yuvraj Noida engineer murder

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा, एजेंसियां। ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से हुई मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना को लेकर अभिनेता अभिनव शुक्ला ने प्रशासन, फायर डिपार्टमेंट और NDRF पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने इस पूरे मामले को “शर्मनाक और घिनौना” बताया है। अभिनव शुक्ला ने सोमवार (19 जनवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए अधिकारियों की लापरवाही और रेस्क्यू में हुई देरी की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मामले में जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग की है।

दो घंटे तक मदद के लिए चिल्लाता रहा, कोई नहीं उतरा पानी में

अभिनव शुक्ला ने पोस्ट में लिखा, “शर्म करो NDRF, शर्म करो फायर डिपार्टमेंट, अधिकारियों पर शर्म है। आप एक यंग लड़के को नहीं बचा पाए। अगर आप वह बेसिक काम भी नहीं कर सकते, जिसके लिए टैक्स देने वालों के पैसे से आपको ट्रेनिंग दी जाती है, तो आपके डिपार्टमेंट का अस्तित्व ही क्यों है? उस फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय को सलाम, जिसने कोशिश की।” वीडियो में अभिनव ने बताया कि युवराज मेहता की कार कंस्ट्रक्शन साइट की दीवार से टकराकर पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। हादसे के बाद युवराज ने तुरंत फायर डिपार्टमेंट, पुलिस और NDRF को सूचना दी। एजेंसियां मौके पर क्रेन और रस्सियों के साथ पहुंचीं, लेकिन कोई भी प्रोफेशनल रेस्क्यू वर्कर पानी में उतरकर उसे बचाने नहीं गया। अभिनव के मुताबिक, करीब दो घंटे तक युवक अपनी डूबी हुई कार के ऊपर खड़ा रहा, मदद के लिए चीखता रहा और जिंदगी के लिए संघर्ष करता रहा।”

फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय ने दिखाई बहादुरी

अभिनेता ने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि जिन विभागों का काम ही जान बचाना है, वे सिर्फ तमाशबीन बने रहे। उन्होंने बताया कि एक फ्लिपकार्ट डिलीवरी बॉय ने ही साहस दिखाते हुए खुद को रस्सी से बांधा और युवक तक पहुंचने के लिए पानी में उतरा, हालांकि उसकी कोशिश युवराज की जान नहीं बचा सकी।

जिम्मेदार अधिकारियों को इस्तीफा देना चाहिए

अभिनव शुक्ला ने कहा कि इस मामले में शामिल कर्मचारियों को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि टैक्स देने वालों का पैसा ऐसे विभागों पर क्यों खर्च किया जा रहा है, जो बुनियादी रेस्क्यू ऑपरेशन भी नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, “भर्ती और ट्रेनिंग प्रक्रिया की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए। अगर संकट के समय ये विभाग अपना काम नहीं कर सकते, तो उनके अस्तित्व पर ही सवाल उठना चाहिए।”

कैसे हुई युवराज मेहता की मौत

यह हादसा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में शनिवार सुबह हुआ। एक खाली प्लॉट में बने गहरे, पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से युवराज मेहता की डूबकर मौत हो गई। इस घटना के बाद सिविक लापरवाही और रेस्क्यू में देरी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी और आक्रोश है।

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