Aadhaar registered: घर बैठे बदलें आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर किसी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं

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Aadhaar registered:

मुंबई, एजेंसियां। जल्द ही आप घर बैठे आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदल सकेंगे। आधार को रेगुलेट करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने नई डिजिटल सर्विस लाने जा रही है।
इसके जरिए यूजर्स आधार एप पर OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन से अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर पाएंगे। इस सर्विस से दूरदराज के इलाकों के लोगों और बुजुर्गों को आसानी होगी।

नई सर्विस कैसे काम करेगी?

UIDAI के मुताबिक मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रोसेस को काफी सिंपल रखा गया है। इसके लिए कोई डॉक्यूमेंट या फिजिकल विजिट की जरूरत नहीं है। पूरी प्रोसेस कुछ मिनटों में हो जाएगी।
सबसे पहले यूजर्स को AADHAAR एप डाउनलोड करना होगा।
यहां यूजर्स को अपना आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर डालना होगा।
OTP वेरिफिकेशन होगा, जो पुराने या नए नंबर पर भेजा जाएगा।
इसके बाद स्मार्टफोन कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा।

आधार मोबाइल अपडेट क्यों जरूरी है?

आधार कार्ड देश की सबसे बड़ी आइडेंटिटी सर्विस है, जिसमें 130 करोड़ से ज्यादा लोगों का डेटा जुड़ा हुआ है। मोबाइल नंबर इसका सबसे अहम हिस्सा है, क्योंकि इसी से OTP के जरिए बैंक अकाउंट, सरकारी सब्सिडी, इनकम टैक्स वेरिफिकेशन और डिजिटल सर्विसेज जैसे डिजीलॉकर तक एक्सेस मिलता है।

अगर नंबर पुराना हो जाए या खो जाए तो कई समस्याएं हो सकती हैं। अभी तक इसे अपडेट करने के लिए एनरोलमेंट सेंटर जाना पड़ता था, जहां बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और लंबी कतारों का झंझट होता है। लेकिन, अब UIDAI डिजिटल तरीके से इसे आसान बनाने जा रहा है।
एक महीने पहले UIDAI ने आधार कार्ड का नया मोबाइल एप लॉन्च किया था। इसमें यूजर एक ही फोन में 5 लोगों के आधार रख सकते हैं। इसमें आधार की सिर्फ वही जानकारी शेयर करने का ऑप्शन है, जो जरूरी होते हैं।
इस ऐप में आप UPI में जिस तरह स्कैन कर पेमेंट करते है, उसी तरह आधार डिटेल्स शेयर कर सकते हैं। एप को ज्यादा सिक्योर बनाने के लिए इसमें फेस ऑथेंटिकेशन जैसे फीचर्स जोड़े गए हैं।

आधार के नए एप के फीचर्सः

फोन में आधार कैरी करें: ई-आधार हमेशा साथ रहेगा, पेपर कॉपी की जरूरत नहीं होगी।
फेस स्कैन शेयरिंग: ID शेयर करने के लिए फेस स्कैन करना होगा, पिन-OTP की तरह सेफ।
सिक्योर लॉगिन: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से एप ओपन होगा।
मल्टी लैंग्वेज सपोर्ट: हिंदी, इंग्लिश सहित कई भाषाओं में अवेलेबल।
ऑफलाइन यूज: इंटरनेट नहीं होने पर भी आधार देख सकेंगे।

PDF डाउनलोड या PVC कार्ड के लिए अभी भी पुराना mAadhaar यूज करना पड़ेगा।
वर्चुअल ID जेनरेट या कुछ अपडेट्स के लिए UIDAI पोर्टल या mAadhaar ही बेहतर।
नया एप प्राइवेसी-फर्स्ट है, जहां सिलेक्टिव डिस्क्लोजर से सिर्फ जरूरी इंफो शेयर होती है।

नए एप से यूजर्स को क्या फायदा मिलेगा?

होटल चेक-इन, SIM एक्टिवेशन या बैंक KYC तेज होगी।
फैमिली मैनेजमेंट आसान, एक फोन पर सबके डिटेल्स।
सिलेक्टिव शेयरिंग से पर्सनल डेटा एक्सपोज नहीं होगा।

2009 में शुरू हुआ था आधारः

आधार 2009 में शुरू हुआ था। अब 1.3 अरब यानी 130 करोड़ से ज्यादा लोगों के पास आधार हैं। पहले पेपर कार्ड था, फिर mAadhaar एप आया। अब डिजिटल इंडिया के तहत फुली डिजिटल एप लाया गया है। सरकार की कोशिश है कि हर सर्विस ऑनलाइन हो जाए।

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