Aadhaar card new guidelines: आधार कार्ड में गलती सुधारने की सीमा तय, जानिए क्या कहते हैं UIDAI के नए गाइडलाइन

Anjali Kumari
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Aadhaar card new guidelines:

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में लगभग हर नागरिक के पास आधार कार्ड है, जो पहचान और पते का सबसे जरूरी दस्तावेज बन चुका है। करीब 140 करोड़ से अधिक लोग आधार कार्ड धारक हैं। इसे बैंक खाता खोलने, मोबाइल सिम लेने, सरकारी योजनाओं का लाभ पाने और टैक्स संबंधी कार्यों में अनिवार्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इसमें दर्ज हर जानकारी का सही होना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी-सी गलती भी कई दिक्कतें पैदा कर सकती है।

सिर्फ एक बार सुधर सकती हैं ये जानकारियां

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) नागरिकों को अपने आधार कार्ड में गलत जानकारी अपडेट कराने की सुविधा देता है। इसके तहत लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर आदि में सुधार कर सकते हैं। लेकिन UIDAI ने इसके लिए कुछ सख्त सीमाएं तय की हैं।

नियमों के अनुसार

नियमों के अनुसार, आधार कार्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि और लिंग (Gender) से जुड़ी जानकारी को सिर्फ एक बार ही सुधारा जा सकता है। अगर किसी ने पहली बार अपडेट के दौरान गलती कर दी, तो उसे दोबारा सुधारने का मौका नहीं मिलेगा।

कई बार बदला जा सकता है पता

UIDAI के नियमों के तहत पता (Address) जैसी जानकारियां कई बार बदली जा सकती हैं, क्योंकि लोगों का स्थानांतरण या निवास परिवर्तन आम बात है। हालांकि, हर बार सही और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

गलती करने से पहले रखें सावधानी

UIDAI ने यह लिमिट इसलिए रखी है ताकि पहचान संबंधी जानकारी के दुरुपयोग को रोका जा सके। कई मामलों में फर्जी पहचान या जानकारी बदलकर धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आई हैं। इसलिए UIDAI ने कुछ जानकारियों में संशोधन की सीमा तय की है।

अगर आप अपने आधार कार्ड में सुधार करने की योजना बना रहे हैं, तो अपडेट से पहले सभी दस्तावेज़ और जानकारी को ध्यान से जांच लें। एक बार बदलाव करने के बाद वही अंतिम (Final) मानी जाएगी और उसे दोबारा बदला नहीं जा सकेगा।

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