Priyanka Chaturvedi
मुंबई, एजेंसियां। महाराष्ट्र से आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर शिवसेना (UBT) ने बड़ा स्पष्ट बयान दिया है। पार्टी नेता संजय राउत ने कहा कि राज्यसभा में प्रियंका चतुर्वेदी को उम्मीदवार न बनाने के पीछे सियासी समीकरण और संख्या बल की कमी मुख्य कारण हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी चाहती थी कि प्रियंका चतुर्वेदी को फिर से चुना जाए, लेकिन इस बार पार्टी के पास पर्याप्त विधायक नहीं थे, जिससे वरिष्ठ नेता शरद पवार के समर्थन वाले सीट पर चुनाव लड़ना संभव नहीं था।
राउत ने क्या कहा?
राउत ने कहा कि यदि सियासी परिस्थितियां अनुकूल होतीं और शरद पवार मैदान में नहीं उतरते, तो शिवसेना (UBT) प्रियंका को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाती। महाराष्ट्र से अगले महीने राज्यसभा की सात सीटें खाली होने वाली हैं और कांग्रेस ने महाविकास आघाड़ी उम्मीदवार के तौर पर शरद पवार का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है।
एमवीए उम्मीदवारों की अटकलों पर विराम
प्रियंका चतुर्वेदी को टिकट न मिलने के बाद राज्य में एमवीए उम्मीदवारों को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया। इससे पहले कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (UBT) तीनों दलों ने इस सीट के लिए अपना-अपना दावा पेश किया था। राउत ने बताया कि पार्टी ने प्रियंका को मौका देना चाहा, लेकिन सियासी ताकत और गठबंधन के समीकरण ने इसे संभव नहीं बनाया।
बीजेपी के उम्मीदवारों पर राउत की टिप्पणी
इस बीच, बीजेपी ने महाराष्ट्र से राज्यसभा चुनाव के लिए चार उम्मीदवारों का ऐलान किया है। इनमें केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, विनोद तावड़े, नागपुर की पूर्व महापौर माया चिंतामन इवनाते और रामराव वाडकुटे शामिल हैं।संजय राउत ने बीजेपी की सूची पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आठवले का फिर से नामांकन तय माना जा रहा था। जबकि तावड़े की उम्मीदवारी आश्चर्यचकित करने वाली है, क्योंकि यह उनके पार्टी संगठन को मजबूत करने में किए गए प्रयासों के लिए पुरस्कार स्वरूप है।
भविष्य की राजनीति और गठबंधन
राज्यसभा चुनाव में प्रियंका चतुर्वेदी के टिकट न मिलने से यह संकेत मिलता है कि शिवसेना (UBT) भविष्य में भी गठबंधन और सियासी समीकरणों के हिसाब से उम्मीदवार तय करेगी। राउत ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया और आने वाले समय में प्रियंका चतुर्वेदी को अन्य मौकों पर मौका दिया जा सकता है।








