Israel-Iran war
नई दिल्ली, एजेंसियां। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला शुरू होने के छह दिन बाद, भारत ने मध्य-पूर्व में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित लौटाने के लिए खास कदम उठाए हैं। यह जंग 28 फरवरी 2026 से जारी है और इससे कई देशों में भारतीय यात्रियों की उड़ान सेवाओं पर असर पड़ा है। हालात में धीरे-धीरे सुधार हुआ है और कुछ एयरलाइन कंपनियों ने फंसे यात्रियों के लिए विशेष उड़ानें संचालित करना शुरू किया है।
भारतीयों की वापसी के लिए 13 स्पेशल फ्लाइट्स चलेंगे
स्पाइसजेट ने गुरुवार को यूएई से फंसे भारतीयों की वापसी के लिए कुल 13 स्पेशल फ्लाइट्स चलाने का ऐलान किया। इनमें से 12 फ्लाइट्स फुजैराह से और एक फ्लाइट दुबई से ऑपरेट होगी। फुजैराह से मुंबई के लिए सात और दिल्ली के लिए पांच स्पेशल उड़ानें निर्धारित हैं। दुबई से मुंबई के लिए भी एक स्पेशल फ्लाइट SG 9014 रवाना होगी। इसके अलावा फुजैराह से मुंबई और दिल्ली के लिए SG 9036, SG 9087, SG 9089, SG 9006, SG 9082 और SG 9085 उड़ानें संचालित की जा रही हैं।
कोलकाता-दुबई की उड़ानें भी शुरू
चार दिन के बंद रहने के बाद कोलकाता-दुबई की उड़ानें भी फिर से शुरू हो गई हैं। फ्लाईदुबई की उड़ान गुरुवार सुबह एयरपोर्ट पर लैंड हुई, जिसमें 130 यात्री थे। बोइंग 737 मैक्स विमान ने 55 यात्रियों को लेकर दुबई के लिए रवाना किया। इससे संकेत मिलता है कि उड़ान सेवाओं में धीरे-धीरे सामान्यीकरण हो रहा है।
इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। लाल चौक पर लगातार पांचवें दिन बैरिकेडिंग और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है, जबकि गलियों के बाहर तार फैंसिंग भी की गई है।
एयर इंडिया कंपनी ने क्या कहा?
एयर इंडिया ने भी फंसे भारतीयों की वापसी के लिए कई कदम उठाए हैं। कंपनी ने कहा कि 28 फरवरी या उससे पहले बुक किए गए टिकट वाले यात्री अपनी उड़ान मुफ्त में रीशेड्यूल कर सकते हैं या टिकट कैंसिल करके पूरा रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। दुबई और जेद्दा से फ्लाइट ऑपरेशन जारी हैं और यात्रियों को सुरक्षित लाने की कोशिशें लगातार चल रही हैं।
स्पाइसजेट ने 6 मार्च को फुजैराह से मुंबई और दिल्ली के लिए अतिरिक्त स्पेशल फ्लाइट्स और 7 मार्च को फुजैराह से मुंबई के लिए एक और स्पेशल फ्लाइट संचालित करने की योजना बनाई है। इससे भारत सरकार और एयरलाइंस दोनों का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित और समय पर घर लौटाया जा सके।








