Tamil Nadu government decision: निजी स्कूलों में राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों पूरी तरह रोक

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Tamil Nadu government decision

चेन्नई, एजेंसियां। तमिलनाडु सरकार ने निजी स्कूलों के परिसरों में राजनीतिक, वैचारिक और धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने 2 मार्च को एक सरकारी आदेश जारी करते हुए तमिलनाडु निजी स्कूल (रेगुलेशन) नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। सरकार का कहना है कि स्कूल परिसर केवल शिक्षा और छात्रों के हितों के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए, इसलिए इन परिसरों का उपयोग किसी भी अन्य गतिविधि के लिए नहीं किया जाएगा।

स्कूल परिसर का उपयोग अब केवल पढ़ाई के लिए

नए नियमों के अनुसार, स्कूल की इमारत, खेल का मैदान, सभागार और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल किसी भी बाहरी व्यक्ति या संगठन द्वारा नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसरों में राजनीतिक सभाएं, प्रचार कार्यक्रम या किसी विशेष विचारधारा से जुड़े आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।सरकार का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से धर्म, जाति या भाषा के आधार पर समाज में विभाजन या तनाव पैदा होने का खतरा रहता है। इसलिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि स्कूल का वातावरण केवल शिक्षा और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए ही इस्तेमाल हो।

छुट्टियों और वीकेंड पर भी लागू रहेगा नियम

सरकार द्वारा लागू किया गया यह प्रतिबंध केवल स्कूल के समय तक सीमित नहीं है। यह नियम स्कूल बंद होने के बाद, शनिवार-रविवार, सरकारी छुट्टियों और गर्मी या सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी लागू रहेगा।इसका मतलब है कि अब छुट्टियों के समय भी किसी संगठन या समूह को स्कूल परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलेगी। सरकार का उद्देश्य यह है कि स्कूल के संसाधनों का उपयोग किसी भी प्रकार की गैर-शैक्षणिक गतिविधि के लिए न किया जाए।

सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अनुमति जरूरी

हालांकि सरकार ने कुछ सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों को सीमित रूप से अनुमति देने की बात कही है। रक्तदान शिविर, समाज सेवा से जुड़े कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन स्कूल परिसर में किए जा सकते हैं।लेकिन इसके लिए पहले संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे कार्यक्रम किसी भी राजनीतिक या धार्मिक एजेंडे से जुड़े न हों और स्कूल प्रबंधन की निगरानी में ही आयोजित किए जाएं।

एक विवाद के बाद बदले गए नियम

सूत्रों के अनुसार, यह फैसला कुड्डालोर जिले के एक निजी स्कूल से जुड़े विवाद के बाद लिया गया। दिसंबर 2025 में वहां के एक स्कूल ने सर्दियों की छुट्टियों के दौरान एक संगठन को कैंप लगाने की अनुमति दी थी। इस मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी किया था।स्कूल प्रबंधन ने इसे मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी और तर्क दिया कि पुराने नियम केवल स्कूल समय के दौरान ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाते हैं। इसके बाद सरकार ने नियमों में संशोधन कर इस कानूनी खामी को दूर कर दिया।

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