अमेरिका की छूट के बाद भारत ने रूस से खरीदा 30 मिलियन बैरल तेल

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India buys oil from Russia

नई दिल्ली, एजेंसियां। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति में आई कमी के बीच भारत ने रूस से लगभग 30 मिलियन बैरल कच्चा तेल खरीदा है। यह खरीदारी अमेरिका से मिली विशेष छूट के बाद की गई है, ताकि देश में तेल आपूर्ति को स्थिर रखा जा सके और मिडिल ईस्ट से होने वाली कमी की भरपाई की जा सके।

जानकारी के अनुसार भारतीय रिफाइनर कंपनियों ने स्पॉट मार्केट से रूसी क्रूड के बिना बिके कार्गो खरीद लिए हैं। इस खरीद में प्रमुख रूप से Indian Oil Corporation और Reliance Industries शामिल हैं।

ब्रेंट बेंचमार्क से ज्यादा कीमत पर खरीद

रिपोर्ट के मुताबिक रूसी कच्चा तेल लंदन के डेटेड ब्रेंट बेंचमार्क के मुकाबले 2 से 8 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर खरीदा गया है। इस तेल में यूराल्स, ESPO और वरांडे जैसे कई ग्रेड शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार करीब 10 मिलियन बैरल रूसी क्रूड Indian Oil Corporation ने खरीदा है, जबकि लगभग इतनी ही मात्रा Reliance Industries ने भी खरीदी है। हालांकि दोनों कंपनियों की ओर से इस पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मिडिल ईस्ट संकट से प्रभावित सप्लाई

विशेषज्ञों के अनुसार मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है। खास तौर पर Strait of Hormuz में स्थिति तनावपूर्ण होने से कई देशों की सप्लाई बाधित हो गई है। इसी वजह से भारत ने वैकल्पिक स्रोत के तौर पर रूसी तेल की खरीद बढ़ाई है।

अमेरिका की शर्तों के साथ मिली छूट

अमेरिका ने भारत को यह छूट दी है कि 5 मार्च से पहले जहाजों पर लोड किए गए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों से जुड़े लेनदेन किए जा सकते हैं, बशर्ते तेल भारत लाया जाए और इसे किसी भारतीय कंपनी द्वारा खरीदा जाए।

यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ी थी खरीद

दरअसल, 2022 में Russia–Ukraine War शुरू होने के बाद भारत ने रूस से तेल खरीद में काफी बढ़ोतरी की थी। बाद में अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के कारण इसमें कमी आई थी, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात के कारण भारत ने फिर से रूसी तेल की खरीद बढ़ाई है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए अलग-अलग स्रोतों से तेल खरीदने की रणनीति अपना रहा है।

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