Naxalites surrender Chhattisgarh
रायपुर, एजेंसियां। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच बड़ी सफलता मिली है। कुल 3.95 करोड़ रुपये के इनामी 106 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के 67 नक्सली भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार अलग-अलग रैंक के इन माओवादियों के सरेंडर से नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है।
बीजापुर में सबसे ज्यादा सरेंडर
बीजापुर जिले में डीवीसीएम रैंक के दो, पीपीसीएम रैंक के चार, एसीएम रैंक के नौ और पीएम रैंक के 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन 37 नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 6 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नारायणपुर में भी नक्सलियों ने डाला हथियार
नारायणपुर जिले में डीवीसीएम रैंक का एक, सीवाईपीसीएम का एक, पीपीसीएम का एक और पीएम रैंक के दो नक्सलियों ने सरेंडर किया। इन सभी पर कुल 22 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
बस्तर में 16 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
बस्तर जिले में डीवीसीएम रैंक का एक, पीपीसीएम के पांच, एसीएम के तीन और पीएम रैंक के सात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन 16 नक्सलियों पर कुल 99 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
कांकेर में तीन नक्सलियों ने छोड़ी हिंसा की राह
कांकेर जिले में डीवीसीएम रैंक का एक तथा एसीएम और पीएम रैंक का एक-एक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुका है। इन तीनों पर कुल 14 लाख रुपये का इनाम था।
सुकमा में भी बड़ी संख्या में सरेंडर
सुकमा जिले में सीवाईपीसीएम रैंक के दो, पीपीसीएम के छह, एसीएम के पांच और पीएम रैंक के 18 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 85 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
दंतेवाड़ा में 30 नक्सलियों ने डाला हथियार
दंतेवाड़ा जिले में डीवीसीएम का एक, पीपीसीएम के दो, एसीएम के पांच और पीएम रैंक के 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 69 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे अभियान और सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के कारण नक्सल संगठन कमजोर पड़ रहे हैं। आने वाले समय में और भी नक्सलियों के सरेंडर करने की संभावना जताई जा रही है।









