Shirtless protest at AI Summit: AI Impact Summit में शर्टलेस हंगामे के पीछे कौन है? पुलिस इन 10 एंगल पर कर रही जांच

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Shirtless protest at AI Summit:

नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह प्रदर्शन यूथ कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया था, जिन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विरोध जताते हुए नारेबाजी की। कार्यक्रम स्थल पर अचानक शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ तिलक मार्ग थाने में FIR दर्ज की गई है और उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और सुरक्षा व्यवस्था भंग करने जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की गई।

इन 10 बिंदुओं पर हो रही है जांच

दिल्ली पुलिस इस मामले को सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं मान रही, बल्कि संभावित बड़ी साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। फिलहाल जांच इन दस प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है:

• प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल तक कैसे पहुंचे?
• वे पहले कहां ठहरे थे?
• वे दिल्ली कब पहुंचे और किस माध्यम से आए?
• यदि वे गाड़ियों से आए, तो वाहन किसके नाम पर पंजीकृत हैं?
• आरोपियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच।
• घटना से पहले उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया?
• विरोध में इस्तेमाल टी-शर्ट कहां प्रिंट कराई गई?
• टी-शर्ट की छपाई का खर्च किसने उठाया?
• काली छतरी के साथ प्रवेश की कथित योजना किसकी थी?
• क्या यह प्रदर्शन स्वयं की योजना थी या किसी के निर्देश पर किया गया?

राजनीतिक घमासान तेज

इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। भाजपा नेताओं ने इस प्रदर्शन को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है, जबकि सोशल मीडिया पर भी इसकी तीखी आलोचना हो रही है। दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस प्रदर्शन के पीछे कोई संगठित योजना या बाहरी समर्थन था।मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि यदि बड़ी साजिश के संकेत मिलते हैं तो आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

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