UPI Fraud Gang:
रांची। काम-मोबाईल चोरी, मंथली सैलरी-25000, एप्वाइंटमेंट प्लेस-सब्जी बाजार, कंपनी का नाम- UPI फ्रॉड गैंग, कंपनी का नेटवर्क-रायपुर से रांची और साहिबगंज से कोलकाता तक। ये प्रोफाइल थोड़ा अटपटा लग रहा है न। परंतु यह बिलकुल सच है। छत्तीसगढ़, झारखंड और बंगाल पुलिस ने इस चौंकानेवाले नेटवर्क का खुलासा किया है। इस गैंग का नेटवर्क छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला है। इस गैंग के गुर्गे मोबाइल चोरी से लेकर क्यूआर कोड व पासवर्ड क्रैक में माहिर है, जिससे मिनटों में लोगों का खाता खाली कर देते हैं। पुलिस ने भी इन्हें पकड़ने के लिए बड़ा ही शातिराना अंदाज अपनाया।
कांवड़िये के भेष में पुलिस ने बिछाया जालः
छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने कांवड़ियों के भेष में जाकर शातिर ठगों को पकड़ा है। पुलिस ने कावंड़िये के भेष में करीब 4 दिनों तक इनकी रेकी की। पुलिस ने कोलकाता और झारखंड के साहेबगंज की गलियों से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बीते 3 महीनों में सब्जी बाजारों से 180 से ज्यादा मोबाइल फोन चोरी किए थे।
UPI की मदद से करोड़ों रुपए पार कर दियेः
इसके बाद ठगों ने इन मोबाइल फोन का पासवर्ड क्रैक कर बैंक अकाउंट और UPI की मदद से करोड़ों रुपए पार कर दिए। फ्रॉड कितने करोड़ का किया गया है, फिलहाल पुलिस इसकी जांच कर रही है।
रायपुर के सब्जी बाजार में चोरी से हुआ खुलासाः
दरअसल, रायपुर के सब्जी बाजारों में लगातार मोबाइल चोरी की शिकायतें पुलिस को मिल रही थी। खासकर गुढ़ियारी स्थित पहाड़ी चौक के सब्जी बाजार में ऐसी वारदातें बढ़ गई थीं। एक मामले में सब्जी खरीदने आए युवक की शर्ट की जेब से उसका मोबाइल चोरी हो गया। ठगों ने मोबाइल से फोन-पे एप के जरिए 99 हजार रुपए उड़ा लिए। इसी केस में पुलिस में 6 लोगों को अरेस्ट किया था।
पासवर्ड क्रैक करने टेक्निकल एक्सपर्ट की मददः
इसी तरह तेलीबांधा थाना क्षेत्र में गोविंद राम वाधवानी ने 22 जून को शिकायत दर्ज करवाई की कि सब्जी लेने के दौरान उनका मोबाइल चोरी हो गया। गुढ़ियारी और तेलीबांधा थाने की पुलिस मोबाइल चोरी केस की जांच करते हुए उस गिरोह तक पहुंची।
3-4 राज्यों में कर रहे थे चोरीः
यह गैंग सिफ रायपुर ही नहीं बल्कि झारखंड, पश्चिम बंगाल समेत अलग-अलग राज्यों के सब्जी बाजारों में इस तरह से चोरी को अंजाम दे रहा था। जांच में पता चला कि आरोपी पासवर्ड क्रैक करने में माहिर थे। वे टेक्निकल एक्सपर्ट की मदद से मोबाइल ओपन कर पैसे ट्रांसफर करते थे।
पुलिस ने ऐसे लगाया पताः
तेलीबांधा थाने में शिकायत के बाद पुलिस ने फोन-पे से भेजी गई रकम से संबंधित अकाउंट की जानकारी जुटाई। जानकारी मिली कि पैसे पश्चिम बंगाल ट्रांसफर हुए हैं। पुलिस ने झारखंड के साहेबगंज से 3 और पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। सावन का महीना होने की वजह से आरोपियों को शक न हो, इसलिए पुलिस ने देवघर और साहिबगंज में कांवड़ियों के भेष में रेड मारी और 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। चौथे की गिरफ्तारी कोलकाता से हुई।
मंथली सैलरी पर करते थे चोरीः
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि देवा उर्फ देव कुमार महतो ने कन्हैया कुमार मंडल, विष्णु कुमार मंडल और अन्य 2 लोगों को मोबाइल चोरी का काम दे रखा था। वे रायपुर के रामनगर इलाके में किराए के मकान में रहते थे। देवा इस काम के बदले 25000 रुपए महीने देता था।
आरोपी फिर चोरी के मोबाइल फोन से पीड़ित के बैंक में जमा रकम को ऑनलाइन फोन-पे और पेटीएम के माध्यम से कई बैंकों में ट्रांसफर कर देते थे। फिर कोलकाता निवासी आरोपी ओमप्रकाश ठाकुर पैसे को ATM से निकाल लेता था।
आरोपियों के फोन से हुआ करोड़ों का ट्रांजेक्शनः
रायपुर के SSP डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल और चोरी के फोन में करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन की जानकारी मिली है। साथ ही आरोपियों के मूवमेंट आसपास के राज्यों में भी मिले हैं। पुलिस इस मामले में अन्य राज्यों से संपर्क कर आगे की जांच कर रही है।
50 क्यूआर कोड मिलेः
चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन और 2 सिम कार्ड (दूसरे के नाम पर आवंटित) जब्त किया गया है। आरोपियों के मोबाइल फोन में लगभग 40-50 क्यूआर कोड मिले हैं।
3 आरोपी झारखंड के और 1 कोलकाता काः
- देवा उर्फ देव कुमार (28 साल), थाना तालझाड़ी, जिला साहेबगंज, झारखंड।
- कन्हैया कुमार मंडल (22 साल), थाना तालझाड़ी, जिला साहेबगंज, झारखंड।
- विष्णु कुमार मंडल (22 साल), थाना तालझाड़ी, जिला साहेबगंज झारखंड।
- ओम प्रकाश ठाकुर (31), कोलकाता, पश्चिम बंगाल।
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